Kurukshetra News | विश्वविद्यालय के अध्यापकों का सांकेतिक धरना : मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन | बड़े आंदोलन की चेतावनी

कुरुक्षेत्र। विश्वविद्यालय के अध्यापकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के प्रति रोष जताया और मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की।
धरने में शामिल अध्यापकों ने कहा कि शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दे लंबे समय से सरकार के समक्ष उठाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण अध्यापकों में नाराजगी बनी हुई है।

प्रदर्शन के दौरान अध्यापकों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की लंबित मांगों और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की गई।
अध्यापक संघ के प्रधान जितेंद्र ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मंगलवार को दो घंटे का सांकेतिक धरना देकर एक बार फिर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

अध्यापकों का कहना है कि फिलहाल सांकेतिक रूप से विरोध दर्ज कराया गया है। यदि सरकार की ओर से जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जा सकती है।
अध्यापकों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर पर भी तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि बातचीत के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि उन्हें बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
धरने के दौरान अध्यापकों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और सरकार से विश्वविद्यालयों में शिक्षकों से जुड़े लंबित मामलों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। अध्यापक नरेंद्र सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपनी मांगों को लेकर पक्ष रखा।



