Kurukshetra News | पूर्व मंत्री के बेटे गगनजोत संधू की मौत : पुलिस जांच में जुटी | पिहोवा के राजनीतिक परिवार से था संबंध

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री एवं पिहोवा से चार बार विधायक रहे जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू की चंडीगढ़ स्थित फार्म हाउस पर मौत हो गई। शुरुआती जानकारी में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पुलिस की विस्तृत जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
गगनजोत संधू कुरुक्षेत्र जिले के गुमथला गढू गांव से जुड़े थे। वर्ष 2014 में वे गांव के सरपंच बने थे। उनके पिता जसविंदर सिंह संधू हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे और पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए। ओमप्रकाश चौटाला सरकार में उन्होंने कृषि मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी। 19 जनवरी 2019 को बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था।

गगनजोत संधू का नाम पिछले कुछ वर्षों में पुलिस मामलों को लेकर भी चर्चा में रहा था। नवंबर 2021 में पिहोवा थाने में उनसे संबंधित दो मामले दर्ज हुए थे। इनमें मारपीट, फायरिंग और अन्य आरोप लगाए गए थे। एक मामले में उन्हें अग्रिम जमानत मिली थी, जबकि दूसरे मामले में जनवरी 2022 में गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में संबंधित मामले में गंभीर धारा हटाई गई और अगस्त 2023 में समझौता होने की जानकारी सामने आई थी।
मार्च 2026 में गुमथला गढू में संपत्ति विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में भी गगनजोत संधू को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उस समय उन पर एक प्रॉपर्टी डीलर पर हमला करने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने हथियार और वाहन की बरामदगी की जानकारी दी थी।
गगनजोत के पिता जसविंदर सिंह संधू का पिहोवा की राजनीति में लंबा सफर रहा। उन्होंने 1991 में पहली बार पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता और 1996 में दोबारा विधायक बने। वर्ष 2000 में तीसरी जीत के बाद उन्हें तत्कालीन ओमप्रकाश चौटाला सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया। वर्ष 2014 में वे एक बार फिर पिहोवा से विधायक चुने गए और इस तरह चार बार विधानसभा पहुंचे।
फिलहाल गगनजोत संधू की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। जांच के बाद ही घटना से संबंधित अन्य परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
Editor: नितिन यादव



