Kurukshetra News | दिल्ली PG हादसे पर KUK छात्रों का कैंडल मार्च : मृतकों को दी श्रद्धांजलि | मुआवजे और जांच की मांग

कुरुक्षेत्र। दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के लिए इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला PG इमारत गिरने की घटना के विरोध में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। छात्रों ने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कैंडल मार्च के दौरान छात्र हाथों में मोमबत्तियां लेकर शामिल हुए। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान हादसे को लेकर छात्रों में रोष भी दिखाई दिया और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

छात्रों ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होकर उनकी हरसंभव मदद करनी चाहिए।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों ने इस घटना के बाद हॉस्टल और PG भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग भी उठाई। छात्रों ने कहा कि पुराने और जर्जर भवनों की पहचान कर उनकी स्थिति की जांच की जाए तथा जरूरत के अनुसार मरम्मत और अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएं।
छात्रों ने हॉस्टल और PG भवनों की स्ट्रक्चरल सेफ्टी जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। शिक्षण संस्थानों और उनके आसपास छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों की नियमित सुरक्षा जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।
कैंडल मार्च में शामिल छात्रों का कहना था कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए भवनों की समय-समय पर जांच और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
छात्रों ने कैंडल मार्च के माध्यम से दिल्ली हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के साथ सरकार से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
Editor: नितिन यादव



