Yamunanagar News | स्कूल में आत्मरक्षा की ट्रेनिंग : गुड टच-बैड टच की दी जानकारी | हेल्पलाइन नंबर बताए

विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सेफ सिटी टीम ने जी.एन.जी. स्कूल यमुनानगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के साथ गुड टच-बैड टच, पुलिस हेल्पलाइन नंबरों और नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में जिला पुलिस की विभिन्न टीमें शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों की जानकारी दे रही हैं। इसी अभियान के तहत सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने जी.एन.जी. स्कूल में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
कार्यक्रम में एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, आत्मविश्वास और सूझबूझ से काम लेना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता मांगने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा से संबंधित जरूरी तकनीकों का अभ्यास भी कराया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का उद्देश्य उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और किसी असहज या असुरक्षित स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए जागरूक करना है।
सेफ सिटी टीम ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में उम्र के अनुरूप तरीके से समझाया। उन्हें बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार या स्पर्श उन्हें असहज महसूस कराता है तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
विद्यार्थियों को अपनी परेशानी बिना झिझक साझा करने और संदिग्ध परिस्थितियों में सतर्क रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस टीम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवार और स्कूल के साथ उनका खुलकर संवाद करना बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन और सहायता हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। पुलिस के अनुसार आपात स्थिति में 112, महिला सहायता के लिए 1091, बच्चों की सहायता के लिए 1098, यातायात संबंधी सहायता के लिए 1073 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 नंबर का उपयोग किया जा सकता है। विद्यार्थियों को इन नंबरों को याद रखने और जरूरत पड़ने पर सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए कहा गया।
सेफ सिटी टीम ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया। पुलिस टीम ने बताया कि नशा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ व्यक्ति की पढ़ाई, परिवार और भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना है। जिला पुलिस की टीमें अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दे रही हैं।
स्कूल प्रबंधन ने सेफ सिटी टीम की पहल की सराहना की। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आत्मरक्षा प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार और साथियों के साथ भी साझा करने का आह्वान किया।



