Yamunanagar News | मसाना में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान : ग्रामीणों को बताए दुष्प्रभाव | साइबर ठगी-महिला अपराध से बचाव की जानकारी

जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत पुलिस चौकी खेड़ी लक्खा सिंह क्षेत्र के गांव मसाना में ग्रामीणों को जागरूक किया। कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों के साथ महिला अपराधों से बचाव और बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से नशे और अपराध के खिलाफ पुलिस का सहयोग करने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपील की।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के दिशा-निर्देश पर जिला पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस की अलग-अलग टीमें गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही हैं। इसी अभियान के तहत सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम और पुलिस चौकी खेड़ी लक्खा सिंह के इंचार्ज एएसआई परमवीर सिंह ने गांव मसाना में ग्रामीणों के साथ बैठक की।

चौकी इंचार्ज परमवीर सिंह ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल इसका सेवन करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर उसके परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं में नशे की लत उनकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपने परिवार और आसपास के युवाओं पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलकूद, शिक्षा और दूसरी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी से युवाओं को नशे की तरफ जाने से रोका जा सकता है।
पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि यदि गांव या आसपास के क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी जानकारी पुलिस को दी जाए। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने महिलाओं और युवतियों को महिला अपराधों और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय समय पर पुलिस से संपर्क करना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होने के साथ आसपास की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहना भी जरूरी है।
एएसआई नीलम ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आते रहते हैं। ऐसे में लोगों को अनजान फोन कॉल, संदिग्ध संदेश और फर्जी लिंक को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से बैंक खाते, पासवर्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्क रहने और किसी संदिग्ध लिंक पर बिना जांच किए क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई।
पुलिस टीम ने कहा कि नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज बनाने में केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। परिवारों को विशेष रूप से युवाओं के साथ संवाद बनाए रखने और उन्हें नशे के नुकसान के बारे में समय-समय पर जागरूक करते रहने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की अपील भी की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशे, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ने से अपराध की रोकथाम में मदद मिल सकती है। जिला पुलिस की ओर से गांवों और अन्य स्थानों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
Editor: शिवानी राजपूत



