Nangal Chaudhary News | दोखेरा में कथित अवैध खनन : बड़ी मशीनों से खनन के आरोप | अधिकारी बोले-कोई अनुमति नहीं
क्षेत्र के गांव दोखेरा में कथित रूप से बिना अनुमति खनन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव में बड़ी मशीनों के जरिए खनन गतिविधियां की जा रही हैं, जबकि इसके लिए संबंधित खनन विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में अवैध खनन की निगरानी और विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार दोखेरा में मशीनों के माध्यम से जमीन की खुदाई और खनन गतिविधियां की जा रही हैं। सबसे बड़ा सवाल इन गतिविधियों की वैधता को लेकर है। यदि मौके पर खनन के लिए विभाग की अनुमति नहीं है तो इतनी बड़ी मशीनों के साथ गतिविधियां किस आधार पर संचालित की जा रही हैं, इसकी जांच जरूरी हो जाती है।

मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिला खनन अधिकारी राजेश कुमार से टेलीफोन पर जानकारी ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोखेरा में खनन के लिए किसी को भी विभाग की ओर से अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति खनन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खनन अधिकारी के इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। एक तरफ मौके पर मशीनों से खनन किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि विभाग ने किसी को खनन की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में अब यह जांच का विषय है कि मौके पर वास्तव में किस तरह की गतिविधि चल रही है और इसे कौन संचालित कर रहा है।

यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि खनन बिना अनुमति किया जा रहा है तो विभागीय निगरानी में यह मामला अब तक क्यों नहीं आया। बड़ी मशीनों से होने वाली गतिविधियों को लेकर विभाग को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी। जांच के बाद ही यह निश्चित रूप से कहा जा सकेगा कि वहां हो रही खुदाई खनन नियमों का उल्लंघन है या नहीं।
फिलहाल जिला खनन अधिकारी ने बिना अनुमति खनन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि खनन विभाग की टीम दोखेरा पहुंचकर मौके की जांच कब करती है और जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर क्या कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में खनन गतिविधियां संचालित करने वाले व्यक्ति या पक्ष का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी व्यक्ति या संस्था को अवैध खनन के लिए जिम्मेदार ठहराना जांच से पहले उचित नहीं होगा। विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Editor: शिवानी राजपूत



