Yamunanagar News | धान अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध : 30 नवंबर तक लागू रहेंगे आदेश | उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

धान सहित अन्य खरीफ फसलों की कटाई के सीजन को देखते हुए जिलाधीश प्रीति ने जिले में फसल अवशेष एवं पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए ये आदेश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
जिलाधीश प्रीति ने कहा कि फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने से जमीन की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इससे निकलने वाले धुएं का प्रतिकूल प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से उठने वाला धुआं सड़क मार्गों, विशेषकर राजमार्गों पर दृश्यता को कम कर सकता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आग और धुएं की चपेट में पशु-पक्षी भी आ सकते हैं।
जिलाधीश ने कहा कि कई बार खेतों में लगाई गई आग तेज हवा के कारण आसपास के क्षेत्रों में फैल जाती है। इससे जान-माल के नुकसान के साथ पशुओं के चारे की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा फसल अवशेषों के इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए प्रति एकड़ 1200 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। किसानों से इस योजना का लाभ उठाकर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और इससे अपनी आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने की अपील की गई है।
जिलाधीश प्रीति ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध के आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेष और पराली न जलाएं तथा पर्यावरण, मिट्टी और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अवशेषों का उचित प्रबंधन करें।
Editor: सचिन शर्मा



