Ateli News | हरे पेड़ों के अवैध कटान के आरोप : ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ले जाई जा रही लकड़ी | वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल

अटेली क्षेत्र में हरे पेड़ों के कथित अवैध कटान को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों को काटकर उनकी लकड़ी आरा मशीनों तक पहुंचाई जा रही है। लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर अवैध कटान पर रोक लगाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पेड़ों की कटाई के बाद लकड़ी को ऊंट गाड़ियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर आरा मशीनों तक पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण पेड़ों का कटान जारी है।
लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि बिना अनुमति हरे पेड़ों का कटान और परिवहन किया जा रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति ली गई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान चला रही है और हर वर्ष बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ पुराने हरे पेड़ों का कटान पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।
लोगों का कहना है कि पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार पेड़ों की संख्या कम होने से क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। इसलिए पेड़ों के अवैध कटान की शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच की जानी चाहिए।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन तथा वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में पेड़ों के कटान और लकड़ी के परिवहन की जांच कराई जाए। यदि जांच में बिना अनुमति पेड़ों का कटान पाया जाता है तो संबंधित लोगों और आरा मशीन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग भी की है, ताकि हरे पेड़ों के अवैध कटान को रोका जा सके। फिलहाल इस मामले में वन विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है।



