Mahendragarh News | मतदाता सूची पर अब तक 11,212 दावे-आपत्ति फॉर्म : 30 सितंबर तक मिलेगा मौका | फॉर्म-6 के 5183 आवेदन

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिला महेंद्रगढ़ में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। जिले में अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 11,212 फॉर्म प्राप्त हुए हैं। निर्वाचन आयोग ने दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक कर दी है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा अंजली ने पात्र नागरिकों से निर्धारित समय के भीतर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने अथवा आवश्यक संशोधन कराने की अपील की है।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मंगलवार को हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश के सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला महेंद्रगढ़ की ओर से उपायुक्त अनुपमा अंजली ने पुनरीक्षण कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के बाद उपायुक्त ने बताया कि जिले में दावे-आपत्ति प्रक्रिया के तहत अब तक कुल 11,212 फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इनमें फॉर्म-6 के 5183, फॉर्म-7 के 392 और फॉर्म-8 के 5637 आवेदन शामिल हैं।
उपायुक्त ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची बेहद जरूरी है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। इसके लिए पूरी प्रक्रिया को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से मतदाता सूची में अपने विवरण की जांच करने का आह्वान किया। जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है अथवा जिन्हें अपने विवरण में किसी प्रकार का संशोधन करवाना है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित फॉर्म भर सकते हैं।
इसके लिए नागरिक अपने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी यानी बीएलओ के पास भी दावे और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और आवश्यक आवेदन समय रहते जमा करवाने की अपील की है।
उपायुक्त ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है। अवधि बढ़ाए जाने का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को इस प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देना है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के साथ मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्राप्त होने वाले आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों यानी बीएलए को भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्हें प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की गई हैं।
युवा मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए जिले के शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र युवाओं को मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की निर्धारित समयसीमा के भीतर लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदन और सत्यापन से संबंधित कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक से अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित तैयार की जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कनीना के एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह, नगराधीश डॉ. मंगल सेन और तहसीलदार चुनाव सुरेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे



