Narnaul News | जल अर्पण मॉड्यूल का शुभारंभ : 2 अक्टूबर तक पंचायतों में पूरा होगा कार्यक्रम | ऑनलाइन होगा हर घर जल प्रमाणन

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं की स्थिरता, सामुदायिक स्वामित्व और प्रभावी संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए जल अर्पण मॉड्यूल का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही अधिकारियों और संबंधित हितधारकों के लिए ओरिएंटेशन एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जल शक्ति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मॉड्यूल की प्रक्रिया और इसके उपयोग की जानकारी दी गई।
जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता सीटीएम मंगल सेन ने की। कार्यक्रम में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अगले चरण में पेयजल के बुनियादी ढांचे के साथ योजनाओं की स्थिरता, जनभागीदारी, सामुदायिक स्वामित्व और ग्रामीण पाइप जलापूर्ति प्रणालियों के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जल अर्पण के माध्यम से ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का सामुदायिक सत्यापन, कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण किया जाएगा। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए जरूरी आधारभूत संरचना, संस्थागत व्यवस्था, स्थानीय मानव संसाधन और संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था तैयार हो।
जल अर्पण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ‘हर घर जल प्रमाणन एवं जल अर्पण डिजिटल वर्कफ्लो मॉड्यूल’ विकसित किया गया है। इसे ग्राम पंचायत डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराया गया है। ग्राम पंचायतें इसके माध्यम से जल अर्पण प्रक्रिया के अलग-अलग चरण ऑनलाइन पूरा करने के साथ उनका डिजिटल सत्यापन और प्रमाणीकरण कर सकेंगी।
ग्रामीण जलापूर्ति योजना के पूर्ण हस्तांतरण से पहले ग्राम पंचायतों को हर घर जल प्रमाणन और जल अर्पण प्रक्रिया के निर्धारित चरण ऑनलाइन पूरे कर प्रमाणित करने होंगे। इससे जलापूर्ति योजनाओं के हस्तांतरण में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ ग्राम पंचायत एवं ग्रामीण समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
सीटीएम मंगल सेन ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ में जल अर्पण कार्यक्रम को 2 अक्टूबर तक पूरा करने के लिए सीईओ जिला परिषद को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों को नए डिजिटल मॉड्यूल के अनुसार ऑनलाइन हर घर जल प्रमाण पत्र सौंपने की योजना है।
उन्होंने अधिकारियों को जिला जल एवं सीवरेज समिति, जिला तकनीकी इकाई और ग्राम पंचायतों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डिवीजन स्तर पर जल अर्पण से संबंधित कार्य पूरा कर इसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला जल एवं सीवरेज समिति को उपलब्ध कराएगा।
सीटीएम ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सीईओ जिला परिषद को जल्द एक्शन प्लान तैयार कर काम शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि 2 अक्टूबर तक लक्ष्य पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल अर्पण के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को अपनी पेयजल व्यवस्था के संचालन में भागीदारी और स्वामित्व देने पर जोर रहेगा।
कार्यशाला में अधीक्षण अभियंता एसपी जोशी, कार्यकारी अभियंता अमित जैन, जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा, बीआरसी इंद्रजीत सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
Editor: शिवानी राजपूत



