Narnaul News | सड़क हादसों में बड़ी गिरावट : 291 से घटकर 150 दुर्घटनाएं | ERV 112 का रिस्पॉन्स 6:16 मिनट | ब्लैक स्पॉट सुधारने के निर्देश

जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में जनवरी से अगस्त तक जिले में 291 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 की इसी अवधि में इनकी संख्या घटकर 150 रह गई। दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या भी 94 से घटकर 80 और घायलों की संख्या 344 से कम होकर 217 दर्ज की गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सुरक्षित सड़क, सुरक्षित सफर के विजन को लेकर उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बुधवार को लघु सचिवालय में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटना संभावित स्थानों, ब्लैक स्पॉट, आपातकालीन सेवाओं और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जनवरी से अगस्त की अवधि में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 141 कम सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं। इसके साथ दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है।
सड़क सुरक्षा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग द्वारा बड़े स्तर पर कार्य किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि एनएचएआई द्वारा नारनौल-रेवाड़ी और महेंद्रगढ़-भिवानी मार्ग का 100 प्रतिशत रोड सेफ्टी ऑडिट पूरा कर लिया गया है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा ऑडिट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की ईआरवी 112 सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 6 मिनट 16 सेकंड दर्ज किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना के बाद समय पर सहायता पहुंचना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण होता है। त्वरित रिस्पॉन्स के माध्यम से दुर्घटनाग्रस्त लोगों तक जल्द चिकित्सा सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार मिलने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने और आपात स्थिति में प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ाने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा जुलाई और अगस्त में 628 लोगों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को दुर्घटना अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक स्तर पर सहायता देने के संबंध में जानकारी दी गई।
परिवहन विभाग द्वारा बस चालकों और परिचालकों के लिए नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 154 चालकों और परिचालकों की आंखों की जांच की गई। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से व्यावसायिक वाहन चालकों के स्वास्थ्य और दृष्टि की नियमित जांच को महत्वपूर्ण बताया गया।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट के स्थायी समाधान से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को और कम करने के लिए ऐसे स्थानों की पहचान के बाद वहां आवश्यक इंजीनियरिंग सुधार और सुरक्षा संबंधी कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं।
डीसी ने ब्लैक स्पॉट से संबंधित प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए हर महीने अलग से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ इन बैठकों में प्रत्येक ब्लैक स्पॉट की स्थिति और वहां किए जा रहे सुधार कार्यों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना है।
बैठक में आरटीए मनोज कुमार ने पीपीटी के माध्यम से एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान एडीसी तरुण कुमार पावरिया, एसडीएम महेंद्रगढ़ योगेश सैनी, सीईओ जिला परिषद निर्मल नागर, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह, डीएमसी रणवीर सिंह, डीएसपी डॉ. कविता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



