Narnaul News | पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी छूट : BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर लाभ | पंजीकरण शुल्क माफ

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने और पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों की जगह स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तन योजना को जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। योजना के तहत पुराने ट्रक और बसों को बदलकर बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन मालिकों को विभिन्न प्रकार की छूट और आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान है। योजना को लेकर बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने स्कूल संचालकों, निजी बस मालिकों, ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों और वाहन डीलरों के साथ बैठक की।
बैठक में निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष, जिले के निजी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, निजी बस मालिक एवं उनके प्रतिनिधि, ट्रक यूनियन के पदाधिकारी, माल वाहनों के मालिक और विभिन्न वाहन निर्माता कंपनियों के डीलर मौजूद रहे। उपायुक्त ने सभी प्रतिनिधियों को परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए पात्र वाहन मालिकों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

डीसी अनुपमा अंजली ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एनसीआर क्षेत्र में चल रहे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों तथा बसों को बदलने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। इसमें बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के पुराने वाहनों को बदलकर उनकी जगह बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पुराने वाहन को बदलकर नया स्वच्छ वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इनमें मोटर वाहन कर में छूट के साथ नए वाहन के पंजीकरण शुल्क की पूरी माफी शामिल है।
इसके अलावा नए वाहन की खरीद के लिए लिए जाने वाले ऋण के ब्याज पर सब्सिडी देने का भी प्रावधान बताया गया है। वाहन निर्माता कंपनी की ओर से न्यूनतम आठ प्रतिशत तक की छूट सहित अन्य प्रोत्साहन भी योजना में शामिल हैं।
पुराने वाहन को कबाड़ में देने पर भी वाहन मालिक को लाभ देने की व्यवस्था है। योजना के तहत पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार एकमुश्त आर्थिक सहायता अथवा मासिक ईंधन वाउचर जैसी सुविधा मिलने की जानकारी बैठक में दी गई।
डीसी ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ लेने के लिए पुराने वाहन को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कराना आवश्यक होगा। पुराने वाहन की स्क्रैपिंग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होने के बाद ही संबंधित वाहन मालिक योजना के तहत मिलने वाले लाभों के लिए पात्र होगा।
पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने की व्यवस्था की गई है। वाहन मालिक परिवहन विभाग के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल के माध्यम से योजना और वाहन संबंधी आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि पुराने प्रदूषणकारी वाहनों की जगह नई तकनीक वाले बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ सरकार की ओर से दिए जा रहे आर्थिक प्रोत्साहन पुराने वाहन बदलने वाले मालिकों पर पड़ने वाले वित्तीय भार को कम करने में सहायक होंगे।
उन्होंने स्कूल संचालकों से भी अपने पुराने वाहनों की स्थिति की समीक्षा करने और पात्र होने पर योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया। इसी तरह ट्रक यूनियन और माल वाहन संचालकों से योजना की जानकारी अपने सदस्यों तक पहुंचाने को कहा गया।
डीसी अनुपमा अंजली ने वाहन निर्माता कंपनियों के डीलरों से भी योजना के प्रावधानों और उपलब्ध छूट के बारे में ग्राहकों को सही जानकारी देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र वाहन मालिकों को योजना से जोड़ना है।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों से अपने स्तर पर स्कूल संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य व्यावसायिक वाहन मालिकों तक योजना की जानकारी पहुंचाने की अपील की गई। प्रशासन का कहना है कि पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों से बदलने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वाहन मालिकों को भी योजना के तहत आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
Editor: गरिमा बागोतिया



