जंतर-मंतर से तड़के उठाए गए सोनम वांगचुक : संसद मार्च पर सख्ती , पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, CJP ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार तड़के उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल पहुंचा दिया। पुलिस की यह कार्रवाई सुबह करीब तीन बजे की गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मेडिकल निगरानी की जरूरत बताते हुए वांगचुक को अस्पताल ले गए। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों ने विरोध जताया, जबकि पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।

सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई से कुछ घंटे पहले ही 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाला था। बताया जा रहा है कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर बैठक की। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई।
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी प्रमुख मांग पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। आंदोलन के दौरान देशभर से छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उनका समर्थन करने पहुंचे। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर समर्थन जताया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी हाल ही में वांगचुक के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने मेडिकल आधार पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज कराया जा रहा है।
इस बीच 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक अनुमति के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आवेदन किया भी जाता है तो संसद सत्र के दौरान सुरक्षा कारणों से अनुमति देना संभव नहीं होगा।

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अस्पताल में भी जारी रहेगी और आंदोलन किसी भी स्थिति में समाप्त नहीं होगा। पार्टी ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन को और अधिक समर्थन मिल रहा है।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संसद मार्च की तैयारियां जारी हैं और देशभर से समर्थक दिल्ली पहुंच रहे हैं। संगठन के अनुसार, मार्च को लेकर अंतिम रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाई गई है। पार्टी ने कहा कि यदि सोनम वांगचुक स्वयं मार्च में शामिल नहीं हो पाए तो भी आंदोलन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा।
घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। संसद सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस भी तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। आने वाले दिनों में संसद मार्च और आंदोलन को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।



