जयपुर से निकली पैरा थ्रोबॉल रैली : 100 दिव्यांग खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा | 2027 एशियन चैंपियनशिप का प्रचार | खेलों से दिया समावेशिता का संदेश

आगामी तीसरी एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप-2027 के प्रचार-प्रसार और दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जयपुर से सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी तक भव्य बाइक जागरूकता रैली निकाली गई। विश्व पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन की ओर से आयोजित इस रैली में करीब 100 दिव्यांग पैरा थ्रोबॉल खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य पैरा खेलों को बढ़ावा देना, दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा को सम्मान दिलाना तथा समाज में समान अवसर और समावेशिता का संदेश देना रहा।
रैली को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विश्व पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष निर्मला रावत और सिंघानिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी तक पहुंची, जहां मार्च 2027 में तीसरी एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर सुरेश सिंह रावत ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी किसी भी दृष्टि से कम नहीं हैं। उन्हें केवल उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सिंघानिया विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप राजस्थान के लिए गौरव का विषय होगी और इससे प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्व पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन और सिंघानिया विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता और सकारात्मक सोच को मजबूत करते हैं।
विश्व पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष निर्मला रावत ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए खिलाड़ियों के उत्साह और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल खेलों के प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण का अभियान भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 की चैंपियनशिप पैरा खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सिंघानिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मलेशिया में आयोजित पिछली एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप से प्राप्त ध्वज अब भारत पहुंच चुका है और मार्च 2027 में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने देश-विदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को सिंघानिया विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने और इसका साक्षी बनने का आमंत्रण दिया।
रैली में विश्व पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन, राजस्थान पैरा थ्रोबॉल फेडरेशन, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा खेल प्रेमियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों के प्रति सम्मान, खेल भावना और समान अवसर का मजबूत संदेश समाज तक पहुंचाया गया।



