Faridabad News | एक सप्ताह में 45 साइबर ठग गिरफ्तार : 13 मामलों में पुलिस की कार्रवाई | 3.66 लाख रुपये बरामद | 4.98 लाख रुपये खातों में फ्रीज

साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस ने एक सप्ताह में 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 22 से 28 अगस्त 2026 के बीच तीनों साइबर थानों की टीमों ने 13 मामलों में यह कार्रवाई की। इस दौरान आरोपियों से 3 लाख 66 हजार रुपये बरामद किए गए, जबकि साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 4 लाख 98 हजार 717 रुपये विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराए गए।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में साइबर थाना एनआईटी, साइबर थाना सेंट्रल और साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने अलग-अलग मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें साइबर थाना एनआईटी के 3, साइबर थाना सेंट्रल के 6 और साइबर थाना बल्लभगढ़ के 4 मामले शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक एक सप्ताह के दौरान साइबर अपराध से जुड़ी 369 शिकायतों का भी निस्तारण किया गया। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने के बाद बैंक खातों में भेजी गई रकम को फ्रीज कराने के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है, ताकि पीड़ितों की राशि को आगे ट्रांसफर होने से रोका जा सके।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हरप्रीत, हर्ष, रोहित परिहार, मासूम, सोहिल, सचिन, जय किशन, शुभम, अंकित कुमार, हिमांशु, दिनकर, सौरभ, धनंजय, अंजली गौड़, कंचन शर्मा, नितिन अग्रवाल, प्रसून, रोहित, फरदीन, अब्दुल अलीम, सचिन कुमार, रघुवेंद्र, राहुल, जय बिष्ट, निक्की यादव, भील विहा, विशाल, भील हीरा, विशाल त्यागी, आरती, ओंकार, रंजीत यादव, कार्तिक भसीन, अंकुर चौहान, विक्रम, पुनीत सक्सेना, हितेश, गौरव, ओंकार, रामचंद्र, दक्ष कालड़ा, राजा पाश्वन, हदीप सिंह, परवीन और बासिफ शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कम समय में अधिक लाभ या ज्यादा पैसा कमाने के लालच में बिना पूरी जानकारी के निवेश करना नुकसानदायक हो सकता है। किसी भी निवेश से पहले संबंधित वेबसाइट या प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी और प्रमाणिकता की जांच करना जरूरी है।
पुलिस ने लोगों को किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, बैंकिंग और निजी जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा किसी को भी OTP नहीं बताने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक बैंक या अन्य अधिकृत संस्थाएं फोन पर ग्राहकों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती हैं।
पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी सतर्क किया है। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन पर डराए या पैसे की मांग करे तो उसकी बातों में आने के बजाय इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने पर समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित को बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।



