Faridabad News | फर्जी कस्टमर केयर नंबर से दो लोगों से ठगी : ₹1.83 लाख से ज्यादा गंवाए | दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद। इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने के दो अलग-अलग मामलों में साइबर थाना NIT की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार एक मामले में डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के लिए इंटरनेट पर नंबर तलाशने वाले व्यक्ति से 95,105 रुपये, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन ऑटो के 150 रुपये रिफंड कराने की कोशिश कर रहे व्यक्ति से 88,645 रुपये की ठगी हुई।
पहले मामले में सैनिक कॉलोनी सेक्टर-49 निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 2 जुलाई 2026 को उसके बैंक खाते से चार अनधिकृत UPI ट्रांजैक्शन हुए। मोबाइल पर मैसेज मिलने के बाद उसे खाते से कुल 95,105 रुपये निकलने की जानकारी मिली।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के उद्देश्य से इंटरनेट पर संपर्क नंबर तलाशा था। इसके बाद एक अज्ञात नंबर से उसके पास कॉल आई। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसे झांसे में लेकर उसके खाते से रकम निकाल ली गई।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मामले की जांच करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने गुजरात के अमरेली निवासी ज्यानी दर्शन शैलेश को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी का बैंक खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया और उसमें ठगी की रकम में से 10 हजार रुपये आए थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
दूसरा मामला नगला इंक्लेव पार्ट-2 निवासी व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 16 नवंबर 2025 को ऑनलाइन माध्यम से ऑटो बुक किया था। सर्विस पूरी होने के बाद 150 रुपये वापस लेने के लिए उसने इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया।
इसके बाद अलग-अलग नंबरों से उसके पास कॉल आईं। आरोप है कि रिफंड दिलाने के नाम पर उसे झांसे में लिया गया और उसके बैंक खाते से 88,645 रुपये निकाल लिए गए।
इस मामले में साइबर थाना NIT की टीम ने झारखंड के देवघर निवासी मोहम्मद रियासत को जेल से प्रोडक्शन पर लिया। पुलिस जांच के अनुसार मामले में इस्तेमाल बैंक खाते में ठगी की रकम में से करीब 86 हजार रुपये आए थे। पुलिस का आरोप है कि रकम निकालकर आगे पहुंचाई गई थी। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक, अस्पताल, कंपनी या किसी ऑनलाइन सेवा का संपर्क नंबर संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लें। अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, कार्ड या बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जा सकती है।
Editor: नितिन यादव



