Faridabad News | ऑनलाइन निवेश के नाम पर 2.44 करोड़ की साइबर ठगी : दो खाताधारक गिरफ्तार | तीन खातों में पहुंचे थे 85 लाख

ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का झांसा देकर 2 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना NIT की टीम ने दो खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर निवासी 28 वर्षीय सूरज और 26 वर्षीय यतेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम में से करीब 85 लाख रुपये आरोपियों से जुड़े तीन बैंक खातों में पहुंचे थे। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 20 लाख रुपये की राशि फ्रीज करवाई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-21 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना NIT में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 18 मई 2026 को उसने गूगल पर QORA.COM से संबंधित ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उसके WhatsApp पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाले ने खुद को संबंधित प्लेटफॉर्म का कर्मचारी बताते हुए ऑनलाइन निवेश की जानकारी दी।

शिकायत के मुताबिक इसके बाद कथित कर्मचारी ने शिकायतकर्ता के साथ Zoom मीटिंग की। इस दौरान ऑनलाइन निवेश के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोप है कि निवेश के लिए शिकायतकर्ता का एक अकाउंट खुलवाया गया और इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाने लगी।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने 18 मई से 8 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 2 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का पता चलने पर साइबर थाना NIT में शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
साइबर थाना NIT की टीम ने तकनीकी जांच के साथ रकम जिन बैंक खातों में भेजी गई थी, उनकी पड़ताल की। जांच के आधार पर सूरज और यतेंद्र को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों को ठगी की रकम प्राप्त करने वाले खातों का खाताधारक बताया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज से जुड़े दो करंट बैंक खातों में क्रमशः 46.25 लाख और 20 लाख रुपये पहुंचे थे। वहीं यतेंद्र के बैंक खाते में करीब 20 लाख रुपये आने की जानकारी दी गई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों से जुड़े इन तीन बैंक खातों में कुल करीब 85 लाख रुपये की ठगी की रकम पहुंची थी।
मामले में साइबर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 20 लाख रुपये की राशि फ्रीज करवाई है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन और रकम आगे किन खातों में भेजी गई, इसकी जांच कर रही है। साथ ही ठगी के पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार सूरज के दोनों बैंक खातों के संबंध में अलग-अलग राज्यों में करीब सात से आठ साइबर शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के साथ दोनों खातों में हुए अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि सूरज और यतेंद्र एक ही गांव के रहने वाले हैं और दोनों आपस में दोस्त हैं। पुलिस के मुताबिक सूरज दसवीं कक्षा तक पढ़ा है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि यतेंद्र बेरोजगार है।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस बैंक खातों के इस्तेमाल, ठगी की रकम के आगे हुए लेनदेन और इस साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ करेगी।
Editor: शिवानी राजपूत



