Faridabad News | फोन हैक कर 5.12 लाख की ठगी : जयपुर से आरोपी गिरफ्तार | लिंक पर क्लिक करते ही फोन हुआ हैक

डबुआ कॉलोनी निवासी महिला का मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक कर बैंक खाते से 5 लाख 12 हजार रुपये निकालने के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान जयपुर, राजस्थान निवासी 24 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है। साइबर पुलिस ने आरोपी को 29 अगस्त को जयपुर के वैशाली नगर से काबू किया। अदालत में पेश करने के बाद उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार डबुआ कॉलोनी निवासी महिला ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी। महिला ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक लिंक आया था। शिकायत के मुताबिक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसका फोन हैक हो गया और इसके बाद उसके बैंक खाते से कुल 5 लाख 12 हजार रुपये निकल गए।
खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने का पता चलने पर महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर पुलिस ने लेनदेन से संबंधित बैंक खातों और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करते हुए रकम के ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिस बैंक खाते में पहुंची थी, उसका एक्सेस गिरफ्तार आरोपी संदीप के पास था। पुलिस का दावा है कि खाते में रकम आने के बाद आरोपी ने उसमें से अपना हिस्सा निकाला और शेष राशि कथित ठगों द्वारा बताए गए दूसरे खाते में आगे भेज दी।
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर साइबर थाना एनआईटी की टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने सुराग जुटाते हुए राजस्थान के जयपुर तक पहुंचकर 29 अगस्त को वैशाली नगर क्षेत्र से संदीप को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी बीएससी पास है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैंक खाते का इस्तेमाल किस तरह किया गया और ठगी की रकम आगे किन खातों में भेजी गई। मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपी को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को उसका दो दिन का रिमांड मिला है। रिमांड अवधि के दौरान साइबर पुलिस ठगी से संबंधित लेनदेन की पूरी कड़ी और अन्य जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस की जांच में फिलहाल आरोपी के खाते तक ठगी की रकम पहुंचने और उसमें से हिस्सा निकालकर बाकी रकम आगे भेजने की बात सामने आने का दावा किया गया है। मामले में आरोपी की भूमिका और अन्य तथ्यों को लेकर आगे की जांच जारी है।
यह मामला अनजान लिंक पर क्लिक करने से जुड़े साइबर जोखिम की ओर भी ध्यान दिलाता है। साइबर पुलिस समय-समय पर लोगों से अनजान नंबरों या संदिग्ध संदेशों में मिलने वाले लिंक को बिना जांचे नहीं खोलने तथा बैंकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील करती रही है।



