Ambala News | सफाई कर्मचारियों ने निकाला मशाल जुलूस : FIR की चेतावनी का विरोध | आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने अंबाला शहर में प्रदर्शन करते हुए मशाल जुलूस निकाला। कर्मचारी नेताओं ने नगर निगम प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी का विरोध किया और सरकार से बातचीत के जरिए कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
इससे पहले दिन में शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति तनावपूर्ण रही। हड़ताली सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान विभिन्न स्थानों पर कूड़ा फैलाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई। इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई।
सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े इंद्रजीत बधाना ने नगर निगम कमिश्नर की चेतावनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारी इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार को पिछले आंदोलनों से सबक लेते हुए बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करना चाहिए।
बधाना ने कहा कि कर्मचारी अपनी तरफ से टकराव नहीं चाहते, लेकिन मांगों को लेकर आंदोलन से पीछे भी नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर नगर निगम कमिश्नर कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। आगे का फैसला कर्मचारी संगठनों की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अंबाला शहर ब्लॉक सचिव महावीर पाई ने बताया कि नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल का सोमवार को 26वां दिन रहा। इसी कड़ी में सरकार के विरोध में प्रदेश स्तर पर कैंडल मार्च और मशाल जुलूस निकालने का कार्यक्रम रखा गया था। अंबाला शहर के मुख्य बाजारों से भी कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला।
महावीर पाई ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन मांगों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। उन्होंने सरकार की ओर से अपनाई जा रही नीति पर भी सवाल उठाए।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि एफआईआर या अन्य कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। उनकी मांग है कि जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उनसे संबंधित परिपत्र जल्द जारी किए जाएं।
कर्मचारियों के अनुसार मौजूदा हड़ताल 2 सितंबर तक घोषित है। इसके बाद राज्य कमेटी की ओर से मिलने वाले निर्देश के आधार पर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने एक बार फिर सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की।



