कुरुक्षेत्र | भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन : राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन | डील रद्द न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र। भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में बुधवार को कुरुक्षेत्र में किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। विभिन्न किसान संगठनों के सैकड़ों किसान लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द इस प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द नहीं किया तो देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। 
प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन सहित विभिन्न किसान संगठनों के कार्यकर्ता शाहाबाद, लाडवा, पिहोवा और थानेसर सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से मोटरसाइकिलों पर रैली के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यह प्रस्तावित ट्रेड डील किसानों, पशुपालकों और कृषि क्षेत्र के हितों के खिलाफ है तथा इससे देश के कृषि तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। 
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि किसानों ने पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तत्काल रद्द करना चाहिए। 
चढ़ूनी ने बताया कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 21 जुलाई को देशभर के किसान संगठन दिल्ली के राजघाट पर एक दिवसीय प्रदर्शन करेंगे। यदि प्रशासन ने किसानों को वहां पहुंचने से रोकने का प्रयास किया तो किसान वहीं धरना शुरू करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक गिरफ्तारियां भी देंगे।
किसानों ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक ट्रेड डील का विरोध नहीं, बल्कि देश के किसानों, खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुरक्षा का संघर्ष है। उन्होंने सरकार से किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की।



