रेवाड़ी | गरीबों के राशन पर संकट : बारिश में भीगे 45 कट्टे गेहूं और 20 बैग चीनी | खराब राशन बांटने की तैयारी का आरोप
रेवाड़ी

रेवाड़ी। शहर के मोहल्ला नई आबादी स्थित अंबेडकर चौपाल में रखे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि करीब एक सप्ताह पहले हुई भारी बारिश के दौरान चौपाल में पानी भर जाने से गरीब परिवारों के लिए रखा गेहूं और चीनी बुरी तरह भीग गए। इसके बावजूद भीगे हुए राशन को धूप में सुखाकर दोबारा पैक कर बीपीएल परिवारों में वितरित करने की तैयारी की जा रही थी।
स्थानीय निवासियों के अनुसार बारिश का पानी चौपाल के अंदर बने डिपो तक पहुंच गया, जिससे वहां रखा राशन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लोगों का दावा है कि करीब 45 कट्टे गेहूं और 20 बैग चीनी पानी में भीग गए। कई कट्टों में गेहूं के दाने अंकुरित होने लगे हैं और उनमें से दुर्गंध भी आने लगी है। लोगों का कहना है कि ऐसा राशन खाने योग्य नहीं है और इसे गरीब परिवारों में बांटना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ होगा। 
आरोप है कि डिपो संचालक खराब हो चुके गेहूं को धूप में सुखाकर दोबारा बोरियों में भरने की तैयारी कर रहा था, ताकि उसे सामान्य राशन की तरह वितरित किया जा सके। जैसे ही इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया और पूरे मामले की सूचना खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने डिपो खुलवाकर भीगे हुए गेहूं और चीनी का निरीक्षण किया तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। विभाग ने प्रभावित राशन की स्थिति का आकलन किया और यह भी जांच शुरू की कि राशन वितरण योग्य है या नहीं।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि राशन खराब हो चुका है तो उसे तुरंत जब्त कर नष्ट किया जाए तथा उसकी जगह नया राशन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह भी पता लगाया जाए कि राशन के भंडारण में लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 
लोगों का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए हर महीने खाद्यान्न उपलब्ध कराती है, लेकिन यदि भंडारण में लापरवाही के कारण राशन खराब हो जाए और फिर उसी राशन को गरीब परिवारों में बांटने का प्रयास किया जाए तो यह बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन के सुरक्षित भंडारण की स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
फिलहाल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राशन पूरी तरह खराब हुआ है या नहीं और आगे विभाग क्या कार्रवाई करता है।



