Kurukshetra News | धान खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की मांग : नमी पर कटौती का विरोध | गन्ने-दूध के दाम बढ़ाने की मांग

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने कुरुक्षेत्र में प्रेस वार्ता कर किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। यूनियन ने सरकार से धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार खरीद शुरू होने से पहले ही ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करे, जिससे मंडियों में किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा कि हर वर्ष धान की फसल मंडियों में पहुंचने के बाद किसानों को खरीद और नमी सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार को इस बार पहले से तैयारी करनी चाहिए और 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू कर देनी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सरकार 17 से 20 प्रतिशत तक नमी वाली धान की खरीद करे। उन्होंने आरोप लगाया कि नमी के नाम पर किसानों की फसल पर अवैध कटौती की जाती है। सरकार को ऐसी कटौती पर रोक लगाकर किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना चाहिए।
दिलबाग सिंह ने कहा कि धान खरीद के दौरान किसानों को मंडियों में फसल बेचने, नमी की जांच और भुगतान से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार अभी से संबंधित विभागों और एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे।
प्रेस वार्ता के दौरान यूनियन ने गन्ने के भाव का मुद्दा भी उठाया। किसान नेताओं ने सरकार से गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। उनका कहना है कि खेती की लागत को देखते हुए गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
इसके साथ ही दूध के दाम बढ़ाने की मांग भी रखी गई। दिलबाग सिंह ने कहा कि गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर किया जाना चाहिए। किसान नेताओं ने इसे पशुपालकों की आय से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि धान की सरकारी खरीद, नमी के नाम पर कटौती, गन्ने के भाव और दूध के दाम सहित विभिन्न मांगों को लेकर संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा।
दिलबाग सिंह ने बताया कि इन मांगों को लेकर 2 सितंबर को हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांगों को पूरा करने की मांग की जाएगी।
प्रेस वार्ता में किसान नेता धर्मपाल हथीरा ने भी किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को धान का सीजन शुरू होने से पहले खरीद व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि मंडियों में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।



