Kurukshetra News | 20 साल बाद फिर दो जगह मनेगा दशहरा : सर्वजातीय दशहरा कमेटी बनेगी | अशोक अरोड़ा बनाए गए संरक्षक

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में करीब 20 साल बाद एक बार फिर दो अलग-अलग स्थानों पर दशहरा पर्व मनाए जाने की तैयारी है। पंजाबी धर्मशाला में आयोजित नगरवासियों की बैठक में इस बार अलग से दशहरा उत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया। आयोजन के लिए सर्वजातीय दशहरा कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें सभी जाति और समाज के लोगों को शामिल करने की बात कही गई है। कमेटी का संरक्षक विधायक अशोक अरोड़ा को बनाया गया है।
बैठक में दशहरा आयोजन को लेकर नगर के विभिन्न लोगों ने विचार रखे। इसके बाद सर्वसम्मति से अलग दशहरा मनाने का फैसला लिया गया। आयोजन को किसी एक समाज तक सीमित रखने के बजाय सर्वजातीय स्वरूप देने पर जोर दिया गया। इसके लिए गठित होने वाली दशहरा कमेटी में विभिन्न जातियों और समाज के प्रतिनिधियों को स्थान देने की बात कही गई है।

विधायक अशोक अरोड़ा ने बैठक के दौरान कुरुक्षेत्र में दशहरा आयोजन के पुराने इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले शहर में दो अलग-अलग दशहरा उत्सव आयोजित होते थे। उनके अनुसार वर्ष 2000 में उनके प्रयासों से दोनों कमेटियों को एक साथ लाया गया था, जिसके बाद एक ही स्थान पर संयुक्त रूप से दशहरा मनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी के बैनर तले आयोजित होने वाले दशहरा पर्व में स्थानीय विधायक को मुख्य अतिथि बनाने की परंपरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से इस परंपरा को तोड़ने का प्रयास किया गया। इसी परिस्थिति के चलते इस बार अलग से दशहरा मनाने का निर्णय लेना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि नया दशहरा आयोजन सभी जातियों और समाज के लोगों को साथ लेकर किया जाएगा। इसका उद्देश्य दशहरा पर्व को व्यापक सामाजिक भागीदारी के साथ मनाना है। आयोजन के दौरान शहर में भव्य शोभायात्रा निकालने की भी योजना बनाई गई है।
हालांकि अलग दशहरा आयोजन किस स्थान पर होगा, इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। अशोक अरोड़ा ने बताया कि सोमवार को प्रतिनिधिमंडल कुरुक्षेत्र के उपायुक्त से मुलाकात करेगा। प्रशासन से दशहरा पर्व आयोजित करने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा जाएगा। स्थान मिलने के बाद आयोजन की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।
पंजाबी धर्मशाला में हुई इस बैठक के बाद कुरुक्षेत्र में दशहरा आयोजन को लेकर नई स्थिति बन गई है। करीब दो दशक से संयुक्त रूप से दशहरा मनाए जाने के बाद अब अलग आयोजन का फैसला शहर में चर्चा का विषय बन गया है। सर्वजातीय दशहरा कमेटी के गठन के साथ आयोजन में किन लोगों को जिम्मेदारी मिलती है और प्रशासन किस स्थान की अनुमति देता है, इस पर भी नजर रहेगी।
विधायक अशोक अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि नए आयोजन में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक अब कमेटी के गठन, आयोजन स्थल और शोभायात्रा सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
Editor: शिवानी राजपूत



