Yamunanagar News | मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे आढ़ती : जिला सचिवालय पर प्रदर्शन | हड़ताल की दी चेतावनी
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को यमुनानगर जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
एसोसिएशन के प्रधान मुनीष कंबोज, संयोजक अशोक गर्ग और सचिव संदीप कुमार ने कहा कि गेहूं खरीद वर्ष 2026-27 की खरीद बंद हुए 90 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद कई आढ़तियों को आढ़त का पूरा भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से लंबित भुगतान जल्द जारी कराने की मांग की।

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद केंद्र सरकार ने गेहूं और धान की आढ़त की व्यवस्था में बदलाव किया था। उनका दावा है कि खरीद वर्ष 2026-27 में आढ़त की राशि में बढ़ोतरी के बावजूद 2.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले उन्हें कम भुगतान मिल रहा है। एसोसिएशन ने दावा किया कि इससे प्रदेश के आढ़तियों को गेहूं खरीद की आढ़त में करीब 75 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। आढ़तियों ने सभी फसलों की सरकारी खरीद उनके माध्यम से कराने और 2.5 प्रतिशत की दर से आढ़त का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से दुकानों और बूथों के लिए जारी किए जाने वाले लाइसेंस को आजीवन करने की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन का कहना है कि इस विषय पर पहले सरकार के स्तर पर हुई बैठक में सहमति बनी थी, लेकिन फैसला अभी लागू नहीं हुआ है।

आढ़तियों ने ई-नाम 2 प्रणाली में किसानों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को सरल बनाने और इसे सरकारी खरीद तक सीमित रखने की मांग की। इसके अलावा मंडियों में फसल की तुलाई की जांच का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों के पास रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।
एसोसिएशन ने मार्केट फीस और एचआरडीएफ की दरों को लेकर भी सवाल उठाए। पदाधिकारियों का दावा है कि हरियाणा में इनकी दरें दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक होने से कृषि आधारित उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन दरों को तर्कसंगत बनाने की मांग की, ताकि कृषि आधारित उद्योगों को प्रदेश में बेहतर कारोबारी माहौल मिल सके।
प्रधान मुनीष कंबोज ने कहा कि एसोसिएशन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश के आढ़ती हड़ताल पर जाने का फैसला ले सकते हैं।
Editor: शिवानी राजपूत



