10 लाख की हेरोइन बरामद : कलानौर बॉर्डर पर तस्कर गिरफ्तार | 261 ग्राम स्मैक मिली | चार दिन के रिमांड पर

नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी बर्गलरी स्टाफ कम एंटी नारकोटिक सेल-2 की टीम ने उत्तर प्रदेश से हरियाणा में कथित तौर पर नशे की खेप लेकर आ रहे एक युवक को कलानौर बॉर्डर के पास गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 261.44 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद करने का दावा किया है, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह स्थित मोहल्ला सराया निवासी दानिश पुत्र समीम के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान एंटी बर्गलरी स्टाफ कम एंटी नारकोटिक सेल-2 को गुप्त सूचना मिली कि एक युवक उत्तर प्रदेश से कलानौर बॉर्डर के रास्ते हरियाणा में नशीला पदार्थ लेकर आने वाला है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।

टीम इंचार्ज रमन चंदेल के नेतृत्व में उप निरीक्षक गुलशन, सतीश कुमार, एएसआई कुलदीप, सुशील और रोहित की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कलानौर बॉर्डर के आसपास निगरानी के दौरान पैदल आ रहे एक संदिग्ध युवक को काबू किया।
पुलिस के मुताबिक तलाशी की कार्रवाई के लिए मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं ईटीओ सौरभ को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में युवक की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 261.44 ग्राम हेरोइन (स्मैक) बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार बरामद नशीले पदार्थ की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस उससे नशीले पदार्थ की खरीद और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी हेरोइन कहां से लेकर आया था और यमुनानगर या आसपास के क्षेत्र में इसकी सप्लाई किस व्यक्ति को की जानी थी। इसके अलावा आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और नशा तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी दानिश के खिलाफ पहले चोरी के दो मामले दर्ज हैं, जो अदालत में विचाराधीन बताए गए हैं। अब उसके पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा नशा बरामदगी के मामले से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने की बात भी पुलिस ने कही है।



