Yamunanagar News | NCLT की कार्रवाई से माइनिंग विवाद गरमाया : रिकॉर्ड-लैपटॉप कब्जे में लेने का दावा

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) चंडीगढ़ से जुड़े एक मामले में नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर न्यायाधीश एचएस मदान के नेतृत्व में टीम द्वारा यमुनानगर में विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता संजीव चौधरी एडवोकेट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान रिकॉर्ड, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। मामला कथित फर्जी माइनिंग बिल, रिकॉर्ड में हेराफेरी और जीएसटी से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित बताया जा रहा है।
हरियाणा पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रधान एवं शिकायतकर्ता संजीव चौधरी एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में NCLT चंडीगढ़ के समक्ष शिकायत की थी। उनका आरोप है कि माइनिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी में उनकी हिस्सेदारी थी, लेकिन करीब 11 महीने तक उन्हें कारोबार का हिसाब-किताब और हिस्सेदारी से संबंधित भुगतान नहीं दिया गया।

संजीव चौधरी के मुताबिक उन्होंने मामले की अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो कथित तौर पर उनकी सदस्यता समाप्त किए जाने की जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद रिकॉर्ड की जांच करने पर माइनिंग और बिलिंग से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आईं।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कथित फर्जी बिलों के माध्यम से करीब 20 लाख मीट्रिक टन मिनरल की बिक्री दिखाई गई। उनका आरोप है कि संबंधित माइनिंग क्षेत्र से इतनी मात्रा में खनन संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर में हुए कथित अवैध खनन को वैध दिखाने के लिए दूसरे क्षेत्र के बिल और रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया तथा इससे जीएसटी को भी नुकसान पहुंचाया गया। इन आरोपों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

संजीव चौधरी ने आम आदमी पार्टी के नेता आदर्श पाल पर भी मामले से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि माइनिंग कारोबार शुरू किए जाने से पहले आदर्श पाल ने उनसे संपर्क किया था और पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर तथा पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी से जुड़े माइनिंग क्षेत्र को लेकर बातचीत हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार कारोबार में उनकी 20 प्रतिशत और मनवीर सैनी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी तय हुई थी, जबकि विकास, ललित और नवीन को डायरेक्टर बनाया गया था। ये सभी दावे शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित हैं।
दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के प्रदेश सीनियर उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी आदर्श पाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनका इस मामले या माइनिंग कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें कुछ उनके नजदीकी और परिचित हैं, लेकिन इससे उनका स्वयं का इस कारोबार से कोई संबंध नहीं बनता।
आदर्श पाल ने कहा कि वह न तो माइनिंग का काम करते हैं और न भविष्य में माइनिंग कारोबार करने का उनका कोई इरादा है। उन्होंने शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को अपने ऊपर लागू होने से इनकार करते हुए जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने की बात कही।
शिकायतकर्ता के अनुसार NCLT से जुड़े मामले में नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, लैपटॉप और हार्ड डिस्क कब्जे में लिए गए हैं। अब इन रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद ही कथित हेराफेरी, बिलिंग और जीएसटी से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि आदर्श पाल ने उनसे अपना संबंध होने से साफ इनकार किया है। जांच पूरी होने और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।



