Yamunanagar News | सुनीश बिंदलिश बने हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश : केंद्र ने जारी की अधिसूचना | कानून के क्षेत्र में बनाई पहचान

यमुनानगर से गहरे पारिवारिक संबंध रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीश बिंदलिश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से 20 अगस्त को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। कानून के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करने के बाद मिली इस नई जिम्मेदारी को लेकर यमुनानगर में भी खुशी का माहौल है।
सुनीश बिंदलिश का परिवार मूल रूप से यमुनानगर से जुड़ा रहा है। शहर के सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में बिंदलिश परिवार की पुरानी पहचान रही है। उनके परिवार की कई पीढ़ियों का यमुनानगर से संबंध रहा है और अलग-अलग क्षेत्रों में परिवार के सदस्यों ने अपनी पहचान बनाई।
उनके दादा स्वर्गीय मदन गोपाल गुप्ता कैथल से यमुनानगर आए थे। वर्ष 1960 के दशक में वे यहां कोका-कोला के व्यवसाय से जुड़े। इसके बाद उन्होंने साबुन निर्माण, पशु आहार और प्लाईवुड सहित विभिन्न व्यवसायों में काम किया। परिवार ने बाद में शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया।
यमुनानगर में अद्वितीय स्कूल की स्थापना के माध्यम से परिवार शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हुआ। आधुनिक और वैकल्पिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में स्कूल की स्थापना को परिवार की शैक्षणिक पहल के रूप में देखा गया।
सुनीश बिंदलिश के पिता वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर बिंदलिश ने 1970 के दशक में चंडीगढ़ को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने आयकर कानून के क्षेत्र में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपनी कानूनी यात्रा के दौरान उन्होंने अपीलीय स्तर तक विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की।
पिता से मिली कानूनी विरासत को सुनीश बिंदलिश ने आगे बढ़ाया। उन्होंने सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय, पुणे से कानून की शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत करते हुए अपनी पेशेवर पहचान बनाई।
अपने कानूनी करियर के दौरान सुनीश बिंदलिश जीएसटी के वरिष्ठ स्टैंडिंग काउंसिल भी रहे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उन्होंने संवैधानिक, कराधान और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में अधिवक्ता के रूप में काम किया। लंबे कानूनी अनुभव के बाद अब उन्हें हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिली है।
हालांकि उनकी पेशेवर जिंदगी का बड़ा हिस्सा चंडीगढ़ से जुड़ा रहा, लेकिन परिवार का यमुनानगर से संबंध बना रहा। उनके बचपन की भी अनेक स्मृतियां यमुनानगर से जुड़ी बताई जाती हैं। इसी कारण उनकी नियुक्ति को यमुनानगर से जुड़े लोगों के लिए भी विशेष उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
परिवार की एक पीढ़ी ने यमुनानगर में व्यापार के क्षेत्र में पहचान बनाई, जबकि अगली पीढ़ी ने कानून के क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया। अब तीसरी पीढ़ी के रूप में सुनीश बिंदलिश को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी मिली है।
कानून की पढ़ाई से लेकर हाईकोर्ट में लंबे समय तक वकालत और अब अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति तक सुनीश बिंदलिश का सफर न्यायपालिका में एक नई जिम्मेदारी तक पहुंचा है। यमुनानगर से पारिवारिक जुड़ाव के कारण उनकी इस नियुक्ति को जिले के लिए भी गर्व और हर्ष के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।



