Yamunanagar News | निरंकारी श्रद्धालुओं ने रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश : 106 ने किया रक्तदान | सेक्टर-18 निरंकारी भवन में लगा शिविर

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से जगाधरी के सेक्टर-18 स्थित संत निरंकारी भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित शिविर में संत निरंकारी मिशन के 106 श्रद्धालुओं ने निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
शिविर का शुभारंभ हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, हरियाणा सरकार के सदस्य अमर सिंह ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अमर सिंह, संत निरंकारी मिशन के क्षेत्रीय संचालक विक्रम गांधी, निगम पार्षद प्रियांक शर्मा, संयोजक महात्मा बलराज मित्तल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया। रक्त संग्रह के लिए सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम ने सेवाएं दीं।

शिविर में सुबह से ही रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। मिशन के श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। शिविर के समापन पर सभी रक्तदाताओं को धन्यवाद कार्ड, प्रमाण पत्र और पौष्टिक अल्पाहार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि अमर सिंह ने कहा कि रक्तदान को महादान कहा जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में रक्तदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने स्वस्थ लोगों से समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
संयोजक महात्मा बलराज मित्तल ने कहा कि इंसान का रक्त ही जरूरतमंद इंसान की जान बचाने में काम आता है और इसका कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने संत निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज के संदेश “रक्त नालियों में नहीं, इंसान की नाड़ियों में बहे” का उल्लेख करते हुए कहा कि मिशन मानव सेवा के कार्यों में लगातार योगदान दे रहा है।

उन्होंने बताया कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से वर्ष 1986 में रक्तदान की मुहिम शुरू की गई थी। उनके अनुसार सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की रहनुमाई में यह अभियान लगातार व्यापक रूप ले रहा है और अब तक आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से करीब 15 लाख से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन मानवता की सेवा के लिए लगातार कार्य करता रहा है। कोरोना काल के दौरान भी रक्त की आवश्यकता होने पर मिशन के सेवादारों ने रक्तदान कर जरूरतमंद लोगों की मदद की थी।
Editor: गरिमा बागोतिया



