Yamunanagar News | बच्चों ने बांधी स्नेह की डोरी : चालक-परिचालकों को दी राखियां | बच्चों ने खुद की तैयार

रक्षाबंधन के अवसर पर ओपन शेल्टर होम के बच्चों ने अपने हाथों से राखियां तैयार कर हरियाणा रोडवेज के चालक-परिचालकों को भेंट कीं। बच्चों की ओर से तैयार राखियां जब रोडवेज कर्मचारियों की कलाई पर बांधी गईं तो यह पहल स्नेह, विश्वास और सामाजिक जुड़ाव का संदेश देती नजर आई। बाल कल्याण समिति ने इसे बच्चों और रोडवेज कर्मचारियों के बीच अपनत्व का रिश्ता मजबूत करने वाली पहल बताया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं है, बल्कि विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के अटूट बंधन का भी प्रतीक है। उन्होंने इस पहल को “एक डोरी जो कलाई को दिल से जोड़ती है” बताते हुए कहा कि बच्चों ने उत्साह और मेहनत से अपने हाथों से राखियां तैयार की हैं।

अशोक कुमार ने बताया कि बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाले बच्चों द्वारा तैयार इन राखियों को हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक को भेंट किया गया। इसके बाद बच्चों ने चालक और परिचालकों की कलाई पर राखियां बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर हरियाणा रोडवेज के चालक और परिचालक बड़ी संख्या में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में बच्चों द्वारा उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने की पहल दोनों के बीच स्नेह और सम्मान का संबंध स्थापित करती है।
बाल कल्याण समिति के सदस्य सुशील गुलाटी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य के तहत बाल देखरेख संस्थानों में रहने वाले बच्चों को विभिन्न त्योहारों और उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जाती है। इसी क्रम में रक्षाबंधन को लेकर बच्चों के लिए विशेष गतिविधि आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि बच्चों ने स्वयं राखियां तैयार कीं और उन्हें हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों के लिए भेंट किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का भी अवसर मिला।
समिति सदस्य पूनम अग्रवाल और शालिनी ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित होती है। इसके माध्यम से बच्चों को समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ जुड़ने और अपनी भावनाओं को सकारात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि रिश्ते केवल खून के नहीं होते, बल्कि प्रेम, सम्मान और अपनत्व से भी बनाए जाते हैं। बच्चों द्वारा तैयार छोटी-सी राखी रोडवेज कर्मचारियों की कलाई पर सजकर सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम बनी।
जिला बाल कल्याण अधिकारी सुखमिंदर सिंह और रंजन शर्मा ने बताया कि बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से भावनाओं को अभिव्यक्त किया। बच्चों ने राखियां बनाने से लेकर उन्हें रोडवेज कर्मचारियों तक पहुंचाने की गतिविधि में उत्साह से भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और रोडवेज कर्मचारियों के बीच रक्षाबंधन की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर संजीव बर्मन और गुरप्रीत गौरव सहित अन्य लोग भी मौजूद र



