Ateli News | चकबंदी प्लॉट पर कब्जे की शिकायत से गरमाया मामला : प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप | सरपंच प्रतिनिधि ने बताया नियमों के तहत रजिस्ट्री

गांव खासपुर निवासी रामकुमार पुत्र प्रहलाद सिंह द्वारा चकबंदी के दौरान आवंटित एक प्लॉट को लेकर शिकायत किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। शिकायतकर्ता ने प्लॉट पर कब्जा करने और वहां मौजूद पुराने निर्माण को हटाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि दरासिंह ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि प्लॉट नियमानुसार लिया गया है और तहसील कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री कराई गई है।
शिकायतकर्ता रामकुमार के अनुसार चकबंदी के दौरान संबंधित प्लॉट गमन सिंह पुत्र सुखराम के नाम आवंटित हुआ था। गमन सिंह की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी मृत्यु के बाद उक्त प्लॉट का उपयोग शामलात भूमि के रूप में होता रहा।

रामकुमार के अनुसार ग्रामीणों की सुविधा के लिए इस स्थान पर पानी की टंकी, पशुओं के लिए खेली और हनुमान मंदिर का निर्माण किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में सरपंच ने उक्त प्लॉट को अपने नाम करा लिया और वहां मौजूद पुराने निर्माण को भी हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि प्लॉट के मूल आवंटन, स्वामित्व, रजिस्ट्री और मौके पर किए गए निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाए। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

वहीं, सरपंच प्रतिनिधि दरासिंह ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उन्होंने प्लॉट किसी गलत तरीके से अपने नाम नहीं कराया, बल्कि जमीन नियमानुसार ली गई है। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी कराई गई है।
दरासिंह के अनुसार संबंधित प्लॉट पर पानी की टंकी या कोई अन्य भवन मौजूद नहीं था। ऐसे में उनके अनुसार पुराने निर्माण को हटाने का आरोप भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि जमीन लेने की प्रक्रिया में आवश्यक नियमों का पालन किया गया है।

शिकायत के बाद अब मामले में प्रशासनिक जांच की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के दौरान चकबंदी रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेज, प्लॉट के मूल आवंटन और रजिस्ट्री से जुड़े कागजात की जांच की जा सकती है। मौके की स्थिति की जांच से भी विवाद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल एक पक्ष ने प्लॉट पर कब्जे और पुराने निर्माण हटाने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने जमीन को नियमानुसार लेने और रजिस्ट्री कराने की बात कही है। प्रशासनिक जांच के बाद ही प्लॉट के स्वामित्व और निर्माण को लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
Editor: शिवानी राजपूत



