Nangal Chaudhary News | आंगनवाड़ी के पोषाहार पर उठे सवाल : सड़ा राशन बांटने का आरोप | तहसीलदार ने किया निरीक्षण
गांव नांगल कालिया में आंगनवाड़ी केंद्र से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र से खराब और सड़ा हुआ राशन वितरित किया जा रहा है। शिकायत एसडीएम तक पहुंचने के बाद तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं में मिली खामियों को लेकर संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई।
ग्रामीणों के अनुसार गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र से मिलने वाले राशन की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। राशन की स्थिति देखने के बाद लाभार्थियों के परिजन इसकी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मामले की जांच कराने की मांग की।

शिकायत मिलने पर एसडीएम ने तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार ने गांव नांगल कालिया पहुंचकर आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और वहां उपलब्ध राशन का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की शिकायतों को भी सुना गया।
आरोप है कि निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आईं। इस पर तहसीलदार ने आंगनवाड़ी इंचार्ज और सुपरवाइजर को मौके पर ही फटकार लगाई। साथ ही मामले को लेकर संबंधित विभाग को पत्र लिखकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने आंगनवाड़ी केंद्र के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को समय पर पोषाहार मिलने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान उसकी गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए आने वाले पोषाहार की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि आंगनवाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर खुले और पात्र लाभार्थियों को समय पर राशन मिले।

मौके पर निरीक्षण के बाद संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाने की बात कही गई है। अब विभागीय जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि पोषाहार की गुणवत्ता और आंगनवाड़ी केंद्र के संचालन को लेकर ग्रामीणों की शिकायतों में क्या तथ्य सामने आते हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्था सुधारकर महिलाओं और बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पोषाहार उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।



