Nangal Chaudhary News | वार्ड-7 में नोटिस जारी होने का विरोध : पार्षद ने एसडीएम से लगाई गुहार | कार्रवाई निरस्त करने की मांग

नगर पालिका नांगल चौधरी के वार्ड नंबर-7 में नदी किनारे बसे लोगों को अवैध निर्माण के संबंध में जारी किए गए नोटिसों को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड-7 के पार्षद कंवर सिंह जाखड़ ने वार्डवासियों के साथ उपमंडल अधिकारी (ना.) एवं समाधान शिविर नांगल चौधरी को ज्ञापन सौंपकर नोटिसों को नियमानुसार निरस्त करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में पार्षद और वार्डवासियों ने कहा कि नदी किनारे बसी यह आबादी कोई नई बस्ती नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां लोग रह रहे हैं। उनके अनुसार यह क्षेत्र लालडोरा के अंतर्गत आता है। वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से आबादी होने के बावजूद अब यहां रहने वाले लोगों को अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे लोगों में रोष है।

ज्ञापन के अनुसार संबंधित एजेंसी की ओर से क्षेत्र का सर्वे किया जा चुका है और यहां रहने वाले लोगों को संपत्ति पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं। वार्डवासियों का तर्क है कि जब सरकारी स्तर पर क्षेत्र में सर्वे कर संपत्तियों की पहचान की गई और लोगों को पहचान पत्र जारी किए गए, तो अब उसी आबादी में निर्माण को लेकर नोटिस जारी करने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
पार्षद और वार्डवासियों ने यह भी बताया कि नगर पालिका की ओर से इसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाने के लिए लोगों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। उनके अनुसार इस सहायता के बाद कई पक्के मकान भी बनाए गए हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत आवास निर्माण में सहायता देने के बाद अब उन्हीं मकानों से जुड़े निर्माण को लेकर नोटिस जारी किए जाने से स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में शिविर भी आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पक्की सड़कों का निर्माण भी कराया गया है। वार्डवासियों का कहना है कि यदि क्षेत्र में सरकारी स्तर पर विभिन्न सुविधाएं और योजनाएं पहुंचाई गई हैं, तो अवैध निर्माण के नोटिस जारी करने से पहले पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
पार्षद कंवर सिंह जाखड़ ने ज्ञापन में दावा किया कि हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 181 के तहत वार्डवासियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने इन नोटिसों को नियमों के विपरीत बताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पार्षद ने एसडीएम से आग्रह किया कि मामले की पूरी जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नोटिस किन परिस्थितियों और किस आधार पर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वार्डवासियों को जारी किए गए नोटिस निरस्त करवाए जाएं।

वार्डवासियों का कहना है कि वे प्रशासन के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं और चाहते हैं कि लंबे समय से बसे क्षेत्र के संबंध में सभी सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति को सामने रखकर फैसला लिया जाए। उनका कहना है कि इससे लोगों में बनी असमंजस की स्थिति भी दूर होगी।
अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। वार्डवासियों ने मांग की है कि आबादी, लालडोरा क्षेत्र, संपत्ति पहचान पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता और नगर पालिका की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधाओं से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाए।
Editor: शिवानी राजपूत



