Narnaul News | अवैध जल-सीवरेज कनेक्शन नियमित कराने का मौका : कनेक्शन शुल्क नहीं लगेगा | पांच शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जिले के पांचों शहरों में अवैध और अनधिकृत जल एवं सीवरेज कनेक्शनों को नियमित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। “जल एवं सीवरेज कनेक्शन स्वीकृति अभियान” के तहत नागरिक बिना कनेक्शन शुल्क के अपने अनधिकृत कनेक्शनों को स्वीकृत एवं नियमित करवा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान समाप्त होने के बाद पाए जाने वाले अवैध एवं अनधिकृत कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया जाएगा और इसके बाद नया कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित पेनल्टी तथा लागू शुल्क जमा करवाना होगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परिमंडल नारनौल के अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी ने बताया कि अभियान के साथ जिले के पांचों शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे भी कराया जा रहा है। विभागीय टीमें घर-घर जाकर जल और सीवरेज कनेक्शनों की स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं। सर्वे में सामने आने वाले अनधिकृत कनेक्शनों को अभियान के दौरान नियमित करवाने का अवसर दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार अब तक अटेली शहर में 82 जल और 145 सीवरेज कनेक्शन वैध किए जा चुके हैं। कनीना में 68 जल और 202 सीवरेज कनेक्शनों को नियमित किया गया है। महेंद्रगढ़ शहर में 96 जल तथा 312 सीवरेज कनेक्शन वैध किए गए हैं।
नांगल चौधरी में अब तक 279 जल और 623 सीवरेज कनेक्शनों को वैध किया जा चुका है। वहीं नारनौल शहर में 158 जल और 261 सीवरेज कनेक्शन नियमित किए गए हैं। विभाग ने संबंधित शहरों के अन्य उपभोक्ताओं से भी समय रहते अभियान का लाभ लेने की अपील की है।
अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी ने बताया कि अभियान के तहत नागरिक केवल जल कनेक्शन, केवल सीवरेज कनेक्शन अथवा जल और सीवरेज दोनों कनेक्शन स्वीकृत करवा सकते हैं। नियमित होने के बाद कनेक्शनों की बिलिंग विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार की जाएगी।
कनेक्शन नियमित करवाने के लिए आवेदन फार्म विभागीय सर्वे टीम के साथ संबंधित कार्यालयों में भी उपलब्ध कराए गए हैं। आवेदन के साथ फोटो पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, संपत्ति अथवा मालिकाना हक का प्रमाण और निर्धारित आवेदन पत्र उपलब्ध कराना होगा। विभाग ने नागरिकों से दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर अपने कनेक्शन वैध करवाने की अपील की है।
एस.पी. जोशी ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान नागरिकों से कनेक्शन से संबंधित भारी फाइल अथवा कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा मीटर लगाने और रोड कटिंग अथवा रोड कट से संबंधित शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य अनधिकृत कनेक्शनों को विभागीय रिकॉर्ड में लाकर जल एवं सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित करना है।
उन्होंने कहा कि पांचों शहरों में चल रहे डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान नागरिक विभागीय टीम को अपने कनेक्शन से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे कनेक्शन की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने और जरूरत पड़ने पर उसे नियमित करने की प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी।
विभाग ने नागरिकों को चेताया है कि यह अभियान अनधिकृत कनेक्शन नियमित करवाने का विशेष अवसर है। अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सर्वे अथवा जांच में कोई जल या सीवरेज कनेक्शन अवैध पाया जाता है तो उसे डिस्कनेक्ट करने की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद संबंधित उपभोक्ता को दोबारा कनेक्शन लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अधीक्षक अभियंता के मुताबिक ऐसे मामलों में लागू पेनल्टी और निर्धारित शुल्क जमा करवाने के बाद ही नया कनेक्शन स्वीकृत किया जाएगा।
एस.पी. जोशी ने अटेली, कनीना, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी और नारनौल के नागरिकों से अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय रहते अनधिकृत कनेक्शन नियमित करवाने से नागरिक भविष्य में होने वाली विभागीय कार्रवाई से बच सकेंगे।
विभाग का कहना है कि सभी कनेक्शनों का सही रिकॉर्ड उपलब्ध होने से शहरों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। साथ ही उपभोक्ताओं की संख्या और जल एवं सीवरेज सेवाओं से जुड़े रिकॉर्ड में भी पारदर्शिता बढ़ेगी।



