Nuh News | 18 साल से सरकारी रिकॉर्ड में ‘गुम’ गांव : न पंचायत में जगह मिली | न नगर पालिका में शामिल

पुन्हाना तहसील का शमशाबाद खैचातान गांव पिछले करीब 18 वर्षों से प्रशासनिक पहचान के लिए तरस रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2008 में पुरानी पंचायत से अलग किए जाने के बाद गांव को न किसी दूसरी ग्राम पंचायत में शामिल किया गया और न ही नगर पालिका का हिस्सा बनाया गया। इसके कारण गांव के लोगों को सरकारी कामकाज से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण आस मोहम्मद ने बताया कि शमशाबाद खैचातान पहले पटाकपुर ग्राम पंचायत में शामिल था। ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2008 में गांव को इस पंचायत से अलग कर दिया गया, लेकिन इसके बाद न इसकी अलग ग्राम पंचायत बनाई गई और न ही किसी अन्य पंचायत या नगर पालिका में शामिल किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रशासनिक स्थिति के कारण उन्हें कई सरकारी काम करवाने में परेशानी होती है। गांव का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने के कारण विभिन्न कार्यालयों में भी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से गांव को स्पष्ट प्रशासनिक पहचान देने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है। बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। उनका दावा है कि बिजली की व्यवस्था भी करीब 500 मीटर दूर से निजी केबल के माध्यम से करनी पड़ रही है, जिसका खर्च ग्रामीण स्वयं उठाते हैं। इसके अलावा पेयजल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बताई गई है।
ग्रामीण शकील अहमद ने बताया कि वर्ष 2008 के बाद गांव के मतदाता विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपना वोट रावल गांव में डालते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत चुनाव में उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पिछले करीब 18 वर्षों से न कोई पंच है और न सरपंच। गांव में किसी पंचायत प्रतिनिधि के नहीं होने के कारण स्थानीय समस्याओं को उचित स्तर पर उठाने में भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों के अनुसार शमशाबाद खैचातान में करीब 350 मतदाता हैं। उनका कहना है कि गांव को पंचायत या नगर पालिका में शामिल करने की मांग को लेकर पहले भी प्रशासन के सामने मामला उठाया जा चुका है। वर्ष 2022 में एसडीएम और उपायुक्त कार्यालय में शिकायत देने का दावा भी ग्रामीणों ने किया है।
ग्रामीणों ने अब एक बार फिर जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी है। ग्रामीणों के मुताबिक उपायुक्त ने मामले को देखने और समाधान के लिए 15 दिन का समय दिया है। हालांकि गांव की प्रशासनिक स्थिति को लेकर संबंधित विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
ग्रामीणों की मांग है कि शमशाबाद खैचातान को जल्द पुन्हाना नगर पालिका में शामिल किया जाए या गांव को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि स्पष्ट प्रशासनिक पहचान मिलने से गांव में निर्वाचित प्रतिनिधित्व का रास्ता खुलेगा और शिक्षा, आंगनबाड़ी, बिजली, पेयजल सहित दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान भी हो सकेगा।



