निजामपुर | तिरंगे में लिपटा वीर सपूत भरत राज भारद्वाज पंचतत्व में विलीन : सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, 'भारत माता की जय' के नारों से गूंजा ब्राह्मणवास

निजामपुर। महेंद्रगढ़ जिले के ब्राह्मणवास गांव का माहौल शुक्रवार को गम और गर्व से भर गया, जब भारतीय वायुसेना के जवान भरत राज भारद्वाज का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। करीब सात वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं देने वाले वीर जवान की अंतिम झलक पाने के लिए गांव सहित आसपास के कई गांवों और राजस्थान से हजारों लोग पहुंचे। हर आंख नम थी, लेकिन हर दिल अपने वीर सपूत पर गर्व से भरा हुआ था।

पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे विंग कमांडर दीपक शर्मा ने भरत राज भारद्वाज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे मिलनसार, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे। उन्होंने अपने सेवा काल में उत्कृष्ट कार्य करते हुए अधिकारियों और साथियों के बीच अलग पहचान बनाई। उनके असामयिक निधन से भारतीय वायुसेना ने एक समर्पित और कर्मठ जवान को खो दिया।

भरत राज भारद्वाज तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई जय किशोर भारद्वाज भी भारतीय वायुसेना में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद करीब तीन माह पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। एक ही परिवार के दो बेटों द्वारा देश सेवा करने पर पूरे क्षेत्र को को गर्व है।

अंतिम यात्रा में निजामपुर थाना प्रभारी धर्म सिंह, विभिन्न गांवों के सरपंच, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा हरियाणा और राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्", "जब तक सूरज-चांद रहेगा, भरत भारद्वाज तेरा नाम रहेगा" और "भरत भारद्वाज अमर रहें" के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।




