Nizampur News | बारिश के अभाव में बाजरा-ग्वार की फसल पर संकट : किसानों ने नुकसान का सर्वे कराने की मांग | ₹15 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मांगा | जल्द राहत देने की अपील

निजामपुर। क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बाजरा और ग्वार की फसल प्रभावित होने लगी है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने सरकार से प्रभावित खेतों की गिरदावरी करवाकर नुकसान का आकलन करने और 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग की है।
नहरी पानी किसान संघर्ष समिति के प्रधान महावीर इस्लामपुर ने बताया कि क्षेत्र के किसानों ने इस सीजन में बड़े स्तर पर बाजरा और ग्वार की बुवाई की थी। फसल को समय पर पर्याप्त बारिश की जरूरत थी, लेकिन बारिश के अभाव में खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर बाजरा और ग्वार की फसल को नुकसान पहुंच चुका है।
महावीर इस्लामपुर ने कहा कि खेती पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है। बीज, खाद और खेत तैयार करने सहित अन्य कार्यों पर किसान पहले ही राशि खर्च कर चुके हैं। ऐसे में बारिश की कमी से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में जल्द विशेष गिरदावरी करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों की टीम खेतों का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन करे, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
नहरी पानी किसान संघर्ष समिति ने प्रभावित किसानों के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग रखी है। समिति का कहना है कि फसल खराब होने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, इसलिए सरकार को राहत राशि उपलब्ध करानी चाहिए।
किसानों ने कहा कि बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में पानी की कमी के कारण हर साल खेती प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की दिशा में भी स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।
इस दौरान किसान लालचंद बोहरा, बाबूलाल घाटाशेर, संतलाल, रणसिंह छिलरो, महिपाल घाटाशेर, देवेंद्र श्योराण और राधेश्याम सहित अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने सरकार से उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई कर प्रभावित फसलों का सर्वे कराने और राहत देने की अपील की।
Editor: State Desk



