नारनौल | मुकुंदपुरा पंचायत में 5 करोड़ की एफडी तोड़ने का मामला : विजिलेंस जांच की सिफारिश | सरपंच समेत कई पर सवाल
नारनौल | उपमंडल की ग्राम पंचायत मुकुंदपुरा में करीब 5 करोड़ रुपये की एफडी तोड़कर राशि खर्च किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नारनौल के उपयुक्त कार्यालय ने विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर जांच मुख्य सतर्कता अधिकारी (विजिलेंस) से करवाने की सिफारिश […]

नारनौल | उपमंडल की ग्राम पंचायत मुकुंदपुरा में करीब 5 करोड़ रुपये की एफडी तोड़कर राशि खर्च किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नारनौल के उपयुक्त कार्यालय ने विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर जांच मुख्य सतर्कता अधिकारी (विजिलेंस) से करवाने की सिफारिश की है।
उपयुक्त कार्यालय की ओर से 14 मई 2026 को भेजे गए पत्र के अनुसार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, नारनौल की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत मुकुंदपुरा में लगभग 5 करोड़ रुपये की एफडी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना तुड़वाकर खर्च कर दी गई। रिपोर्ट में सरपंच, ग्राम सचिव, संबंधित कनिष्ठ अभियंता (पंचायती राज) तथा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, नारनौल के प्रबंधक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि अतिरिक्त मुख्य सचिव और आयुक्त एवं सचिव, विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी निर्देशों की पालना किए बिना एफडी की राशि खर्च की गई। रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई सरकारी नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत प्रतीत होती है।
उपयुक्त कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की रिपोर्ट की प्रति महानिदेशक को भेजते हुए पूरे प्रकरण की जांच मुख्य सतर्कता अधिकारी, विकास एवं पंचायत विभाग से कराने का अनुरोध किया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विजिलेंस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।



