नारनौल | गिरफ्तारी से पहले चोर बताने पर उठे सवाल : राव नरेंद्र बोले—तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली | थ्योरी कैसे तय हुई
नारनौल | कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के घर में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच पाई है। गिरफ्तारी न होने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले को हमला या एक्सटॉर्शन गैंग से अलग बताकर चोरी के लिए सेंधमारी की दिशा में देखने पर […]

नारनौल | कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के घर में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच पाई है। गिरफ्तारी न होने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले को हमला या एक्सटॉर्शन गैंग से अलग बताकर चोरी के लिए सेंधमारी की दिशा में देखने पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जब आरोपित पकड़े ही नहीं गए, तो पुलिस पहले से कैसे तय कर रही है कि वे चोर थे और उनका मकसद हमला नहीं था।
दरअसल शनिवार अलसुबह कुछ युवक राव नरेंद्र सिंह के घर में घुस गए थे। राव नरेंद्र सिंह के बड़े भाई राव देवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आशंका जताई थी कि राव नरेंद्र सिंह प्रदेश में कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार मुद्दे उठाते रहे हैं, ऐसे में हो सकता है कि किसी अपराधी तत्व ने डराने के मकसद से यह वारदात की हो। दूसरी ओर डीएसपी भारत भूषण ने रविवार को वीडियो बाइट में कहा था कि प्रथम दृष्टया यह मामला न तो एक्सटॉर्शन गैंग से जुड़ा लग रहा है और न ही हमला प्रतीत हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में मध्यप्रदेश के एक चोर गिरोह के छह सदस्यों के शामिल होने की बात सामने आ रही है और मकसद सेंधमारी माना जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब घटना को तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, तो पुलिस पहले से यह कैसे कह सकती है कि यह हमला नहीं था और आरोपित सिर्फ चोरी के इरादे से आए थे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी और पूछताछ से पहले इस तरह का निष्कर्ष निकालना तर्कसंगत नहीं है। अब बड़ा सवाल यही है कि पुलिस की थ्योरी सही साबित होती है या शिकायतकर्ता पक्ष की आशंका। फिलहाल तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।



