Haryana News | दो दिन बारिश के आसार : 10 जिलों में यलो अलर्ट | मानसून में अब तक 22% कम बारिश

हरियाणा में कमजोर पड़े मानसून की गतिविधियों में 4 और 5 सितंबर को तेजी आने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली उपमंडल के लिए दोनों दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
4 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल में बारिश को लेकर यलो अलर्ट बताया गया है। वहीं 5 सितंबर को बारिश का दायरा मध्य और दक्षिण हरियाणा की ओर बढ़ने का अनुमान है। झज्जर, गुरुग्राम, नूंह और रेवाड़ी समेत 14 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और जींद में इन दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। मौसम में इस बदलाव से कई इलाकों में उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मानसून सीजन में हरियाणा में अभी बारिश की कमी बनी हुई है। उपलब्ध IMD आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में 283.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि की सामान्य बारिश 364.6 मिलीमीटर है। इस हिसाब से प्रदेश में सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
बारिश की कमी के कारण प्रदेश के सात जिले रेड जोन में बताए गए हैं। इनमें सिरसा में सामान्य से 53 प्रतिशत, जींद में 56 प्रतिशत, कैथल और अंबाला में 50-50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। रोहतक में 45 प्रतिशत, करनाल में 43 प्रतिशत और पंचकूला में सामान्य से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
तापमान की बात करें तो हाल के आंकड़ों में भिवानी 36.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। सिरसा में 36 डिग्री, हिसार में 35.9 डिग्री और अंबाला में 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पानीपत और रोहतक में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री के आसपास रहा।
बारिश और बादलों की गतिविधियां बढ़ने से पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी हरियाणा में तापमान में कुछ गिरावट और उमस से राहत मिलने की संभावना है। किसानों के लिए भी अगले दो दिन की संभावित बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
IMD के 4 सितंबर को जारी ताजा उपमंडल पूर्वानुमान में 4 और 5 सितंबर के लिए भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 6 सितंबर से फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
Editor: शिवानी राजपूत



