कॉकरोच जनता पार्टी का फिर प्रदर्शन : जंतर-मंतर पर लौटे प्रदर्शनकारी | संसद मार्च जारी रखने का ऐलान | पुलिस ने जांच तेज की

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराए जाने के करीब छह घंटे बाद प्रदर्शनकारी दोबारा लौट आए और देर रात तक बड़ी संख्या में समर्थक जुटकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने मंगलवार को भी संसद मार्च करने का ऐलान करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे। संगठन अपनी प्रमुख मांगों को लेकर लगातार आंदोलन जारी रखेगा।

सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदर्शन सुबह से शाम तक चला। इस बीच भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच भी बातचीत हुई, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी बैठक हुई, हालांकि उसके विषय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके समेत चार प्रदर्शनकारियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया, लेकिन सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का फैसला लिया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसके विरोध में उनका अनशन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक का उपचार सफदरजंग अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। अस्पताल के अनुसार उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि ब्लड शुगर सामान्य से कम है और खून से जुड़ी कुछ चिकित्सीय समस्याएं बनी हुई हैं। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद उन्होंने आईवी फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पताल से उनकी मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन तलब किया है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।

उधर दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई झड़प और हिंसा की जांच तेज कर दी है। पुलिस मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और बॉडी कैमरों से प्राप्त 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच कर रही है ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



