Faridabad News | एक सप्ताह में 48 साइबर आरोपी गिरफ्तार : ₹3.95 लाख बरामद | 15 मामलों में पुलिस की कार्रवाई

फरीदाबाद। साइबर अपराध के मामलों में फरीदाबाद पुलिस ने एक सप्ताह के दौरान कार्रवाई करते हुए 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार तीनों साइबर थानों की टीमों ने 29 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच कुल 15 मामलों में ये गिरफ्तारियां कीं। इस दौरान आरोपियों से 3 लाख 95 हजार रुपये बरामद किए गए, जबकि साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 4 लाख 7 हजार 747 रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई गई।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में साइबर थाना एनआईटी, साइबर थाना सेंट्रल और साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीमों ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार साइबर थाना एनआईटी ने छह, साइबर थाना सेंट्रल ने चार और साइबर थाना बल्लभगढ़ ने पांच मामलों में कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक इन 15 मामलों में कुल 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त एक सप्ताह के दौरान साइबर पुलिस की टीमों ने साइबर अपराध से संबंधित 342 शिकायतों का निस्तारण भी किया।
गिरफ्तार आरोपियों में चंदन बैरवा, रोहित मीणा, आशीष, दीपांशु, अमित, संदीप, शुभम, आकाश माहौर, आशुतोष रत्नाकर, दीपक, अमन, मनोज, ईश्वर, दिनेश, संदीप उर्फ जोनी, मेघनाथ कुमार, जयानी दर्शन, मोहम्मद रियासत, अब्बास, उपेंद्र, नितिन, अजय, अमरजीत, उमाशंकर, विकास बिश्नोई, विश्वास मीणा, विकास सिंह, विशाल कुमार, पंकज कुमार, फैजान मुस्ताक, अदनान रियाज, रजत कुमार, मोहम्मद शाहरुख, परविंदर, निर्मल, हर्ष राय, अमन सिंह, शिव शंकर, अब्दुल, गुनगुन, आयुष, शेखर, प्रांजुल कुमार, शैलेंद्र, नरेंद्र, अनस खान और राजवीर राठौर सहित अन्य नाम शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक या संदिग्ध संदेशों से सावधान रहें और अपनी गोपनीय बैंकिंग या निजी जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी को भी ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील बैंकिंग जानकारी नहीं देनी चाहिए।
पुलिस ने लोगों को फोन पर खुद को किसी बैंक या संस्था का प्रतिनिधि बताने वाले अज्ञात व्यक्तियों से भी सावधान रहने की सलाह दी है। किसी प्रकार का संदेह होने पर संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक माध्यम से ही जानकारी की पुष्टि करने की अपील की गई है।
डीसीपी हिमाद्री कौशिक ने तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से भी सावधान रहने को कहा। उन्होंने बताया कि भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या दूसरी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या ऑनलाइन माध्यम से डराते हुए पैसे की मांग करता है तो उस पर भरोसा न करें और इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने की स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करने और राशि को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सकती है।
फरीदाबाद पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने का अभियान भी जारी है। पुलिस ने आमजन से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना संबंधित साइबर पुलिस को देने की अपील की है।
Editor: नितिन यादव



