Faridabad News | डेबिट कार्ड रिन्यू कराने के नाम पर 8.29 लाख की साइबर ठगी : दो खाताधारक गिरफ्तार | दोनों आरोपियों को जेल भेजा

डेबिट कार्ड रिन्यू कराने के नाम पर बैंक खातों से 8.29 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने दो खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के बहराइच से 11 सितंबर को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार निवासी पोखरा, बहराइच और विशाल कुमार निवासी दुर्ग कोतवाली, बहराइच के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सूरजकुंड निवासी एक व्यक्ति का पंजाब नेशनल बैंक का डेबिट कार्ड एक्सपायर हो गया था। कार्ड को रिन्यू कराने के लिए उसने गूगल से कस्टमर केयर नंबर तलाशकर उस पर संपर्क किया। इसके बाद उसके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और डेबिट कार्ड से संबंधित जानकारी हासिल कर ली।
पुलिस के अनुसार इसके बाद साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन को अपने नियंत्रण में लेकर बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियां शुरू कर दीं। शिकायतकर्ता के मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे। इसी दौरान उसके बैंक खाते से 4.70 लाख रुपये और उसकी पत्नी के बैंक खाते से 3.59 लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों खातों से कुल 8.29 लाख रुपये की रकम ठगी गई।
रकम निकलने के बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में पहुंची, उनकी जानकारी जुटाई और खाताधारकों की भूमिका की जांच की।
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने आया कि आरोपी मनोज कुमार और विशाल कुमार ने अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करवाए थे। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम की पहली लेयर में मनोज कुमार के बैंक खाते में 3 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें से 60 हजार रुपये विशाल कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों खाताधारकों की पहचान और उनके बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटाई। इसके बाद साइबर थाना एनआईटी की टीम ने बहराइच पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस अब मामले में ठगी की रकम के पूरे लेनदेन और साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। खातों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और रकम आगे किन खातों में भेजी गई, इस संबंध में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
Editor: शिवानी राजपूत



