Faridabad News | टेलीग्राम टास्क के नाम पर ₹1.70 लाख की ठगी : खाता ऑपरेटर गिरफ्तार | कोर्ट ने भेजा जेल

फरीदाबाद। टेलीग्राम पर ऑनलाइन टास्क और निवेश के नाम पर जवाहर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति से 1 लाख 70 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 वर्षीय दिनेश निवासी अजमेर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जवाहर कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 18 जुलाई को वह ऑनलाइन माध्यम से एक ग्रुप से जुड़ा था, जहां शुरुआत में उसे कुछ टास्क दिए गए। इसके बाद उसे निवेश से जुड़े टास्क के माध्यम से अधिक रकम मिलने की बात कही गई।
शिकायत के मुताबिक इसी दौरान अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से शिकायतकर्ता से कुल 1 लाख 70 हजार रुपये जमा करा लिए गए। बाद में जब उसे अपनी रकम वापस नहीं मिली तो ठगी का पता चला। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर थाना एनआईटी पुलिस को दी।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सामने आए बैंक खातों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और दिनेश को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिनेश के पास एक बैंक खाते का एक्सेस था। इस खाते में ठगी से संबंधित 75 हजार रुपये आए थे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी रकम को आगे अन्य खातों में ट्रांसफर करता था। मामले में अन्य लोगों की भूमिका और रकम के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी बीएससी पास है। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश और सोशल मीडिया के माध्यम से मिलने वाले संदिग्ध कमाई के प्रस्तावों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से अधिक मुनाफे या आसान कमाई का लालच देकर साइबर ठगी की जा सकती है, इसलिए किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
पुलिस ने साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की है। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
Editor: नितिन यादव



