नूंह | ढाई माह बाद हसीना हत्याकांड का मुख्य आरोपी पति गिरफ्तार : 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड | कार, अवैध हथियार और कारतूस बरामद
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नूंह | करीब ढाई माह तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा बहुचर्चित हसीना हत्याकांड का मुख्य आरोपी आखिरकार नूंह सदर थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने मृतका हसीना के पति रफीक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कार, एक अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। अब पुलिस आरोपी से हत्या की असली वजह, वारदात की पूरी साजिश, शव को कुएं में फेंकने के तरीके और मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
यह मामला नूंह सदर थाना क्षेत्र के गांव देवला नंगली से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, गांव देवला नंगली निवासी रफीक ने सिंगार गांव की रहने वाली हसीना से दूसरी शादी की थी। हसीना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके भाई शकील ने रफीक पर गंभीर आरोप लगाए थे। शकील का आरोप था कि रफीक उसकी बहन की सुंदरता का इस्तेमाल गाड़ी लूट और अन्य आपराधिक वारदातों में करता था। आरोप है कि रफीक हसीना को आगे रखकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और उसके बाद आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। 
परिजनों के अनुसार, जब हसीना ने इस प्रकार की गतिविधियों का विरोध करना शुरू किया और पति के दबाव में आने से इनकार कर दिया, तभी से दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था। मृतका के भाई का आरोप है कि विरोध के कारण ही हसीना को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई और उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि इन आरोपों की सच्चाई की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
18 अप्रैल को अचानक लापता हुई थी हसीना
मामले के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को हसीना अचानक लापता हो गई थी। हैरानी की बात यह रही कि हसीना के पति रफीक ने ही उसके लापता होने की शिकायत पुलिस को दी थी। शिकायत के आधार पर नूंह सदर थाना पुलिस ने 24 अप्रैल को गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर हसीना की तलाश शुरू की थी।
पुलिस हसीना की तलाश कर ही रही थी कि 28 अप्रैल को गांव के खेतों में बने एक सुनसान कुएं से एक महिला का शव बरामद हुआ। जांच में शव की पहचान हसीना के रूप में हुई। शव को पत्थर से बांधकर कुएं में फेंका गया था। शव की स्थिति और उसे पत्थर से बांधकर ठिकाने लगाने के तरीके ने पूरे मामले को हत्या की ओर मोड़ दिया।

पत्थर से बांधकर कुएं में फेंका गया था शव
कुएं से शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। शव को पत्थर से बांधा गया था, जिससे यह आशंका मजबूत हुई कि हत्या के बाद पहचान छिपाने और शव को लंबे समय तक पानी के अंदर दबाए रखने के उद्देश्य से उसे कुएं में फेंका गया था। इस बरामदगी के बाद हसीना के भाई शकील ने पुलिस को शिकायत देकर पति रफीक समेत सात लोगों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया।
मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने रफीक सहित सात लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद से ही मुख्य आरोपी रफीक फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश देने का दावा कर रही थी, लेकिन वह करीब ढाई माह तक गिरफ्तारी से बचता रहा।

परिजन लगातार लगा रहे थे न्याय की गुहार
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में देरी से हसीना के परिजनों में भारी रोष था। परिजन लगातार पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार करने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। मृतका के परिजनों ने तीन से चार बार पुलिस अधीक्षक नूंह से मुलाकात कर मुख्य आरोपी सहित सभी नामजद लोगों की गिरफ्तारी की मांग उठाई थी।
परिजनों का आरोप था कि इतने गंभीर मामले के बावजूद मुख्य आरोपी खुलेआम पुलिस से बच रहा था और गिरफ्तारी नहीं होने से उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही थी। परिवार के लगातार दबाव और पुलिस अधिकारियों से की गई शिकायतों के बाद जांच एजेंसियों ने आरोपी की तलाश तेज की। इसके बाद नूंह सदर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी रफीक को गिरफ्तार कर लिया।

अदालत ने 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रफीक को अदालत में पेश किया। पुलिस ने हत्या की साजिश, वारदात में इस्तेमाल किए गए साधनों, हथियार और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आरोपी का रिमांड मांगा। अदालत ने आरोपी को 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस अब रिमांड के दौरान यह जानने का प्रयास कर रही है कि हसीना की हत्या कब, कहां और किस तरह की गई थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या में रफीक के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे, शव को पत्थर से किसने बांधा, कुएं तक शव किस वाहन से पहुंचाया गया और वारदात के बाद साक्ष्यों को मिटाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए गए।

आरोपी की निशानदेही पर कार और हथियार बरामद
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, आरोपी रफीक की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली गई है। इसके साथ ही पुलिस ने एक अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल हसीना की हत्या में किया गया था या वह किसी अन्य आपराधिक वारदात से जुड़ा हुआ है।
बरामद कार की भी फॉरेंसिक जांच कराई जा सकती है, ताकि उसमें खून, बाल, कपड़े के टुकड़े या अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य मिल सकें। पुलिस की जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि हसीना को कार में बैठाकर किसी स्थान पर ले जाया गया था या हत्या के बाद उसके शव को कार के माध्यम से कुएं तक पहुंचाया गया।

सात लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
हसीना के भाई शकील की शिकायत पर रफीक समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में कितने लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे और किन लोगों ने आरोपी की सहायता की थी।
पुलिस उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिन्होंने हत्या के बाद आरोपी को छिपने, भागने या साक्ष्य नष्ट करने में मदद की हो सकती है। आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।
गुमशुदगी की शिकायत देने वाला पति ही निकला मुख्य आरोपी
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हसीना के लापता होने की शिकायत उसके पति रफीक ने ही पुलिस को दी थी। बाद में उसी पति को हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया। पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या गुमशुदगी की शिकायत जांच को गुमराह करने और खुद को निर्दोष दिखाने की साजिश के तहत दर्ज कराई गई थी।
पुलिस रफीक से यह भी पूछताछ कर रही है कि 18 अप्रैल को हसीना आखिरी बार कब और कहां देखी गई थी। उसके लापता होने से लेकर 28 अप्रैल को शव मिलने तक रफीक कहां-कहां गया और किन लोगों के संपर्क में रहा, इसकी पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हत्या की असली वजह तलाश रही पुलिस
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल हत्या की असली वजह का है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हसीना का इस्तेमाल आपराधिक वारदातों में किया जाता था और विरोध करने पर उसकी हत्या की गई। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि मामला पारिवारिक विवाद, आपराधिक गतिविधियों, अवैध संबंध, पैसों के लेन-देन या किसी अन्य कारण से जुड़ा था। पुलिस आरोपी के बयान और अब तक मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और कार तथा अवैध हथियार की बरामदगी के बाद मामले में अन्य अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
पुलिस वारदात से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला पेश किया जा सके। मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
परिजनों को अब न्याय की उम्मीद
मुख्य आरोपी रफीक की गिरफ्तारी के बाद हसीना के परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि परिवार का कहना है कि जब तक इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा नहीं दिलाई जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है।
परिजनों को उम्मीद है कि पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश होगा और यह भी सामने आएगा कि हसीना की हत्या में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कार, अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई और अहम तथ्य सामने आएंगे।



