नूंह मेवात | 10 साल पुराने 79.50 लाख के मुआवजा घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी | घोषित अपराधी सहजाद दबोचा | गुरुग्राम पुलिस के हवाले

नूंह, 16 जुलाई। करीब 10 वर्ष पुराने 79.50 लाख रुपये के कथित सरकारी मुआवजा घोटाले में नूंह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) सहजाद पुत्र उमरदीन उर्फ उमर मोहम्मद, निवासी वार्ड नंबर-4 नूंह को चौकी जयसिंहपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुरुग्राम पुलिस के पीओ स्टाफ के उप निरीक्षक खुर्शीद अहमद के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2016 में गुरुग्राम के थाना शहर में दर्ज हुआ था। आरोप है कि सहजाद ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर की और धोखाधड़ी के माध्यम से करीब 79.50 लाख रुपये का सरकारी मुआवजा प्राप्त किया। मामले में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने के साथ-साथ आपराधिक षड्यंत्र रचने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी लगातार अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके चलते गुरुग्राम की जेएमआईसी अदालत की न्यायिक अधिकारी अंजू बाला ने 2 जून 2017 को उसे भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर दिया था। इसके बाद से वह लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था और विभिन्न स्थानों पर उसकी तलाश की जा रही थी।
चौकी जयसिंहपुर प्रभारी सूबे सिंह ने बताया कि पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी सहजाद पेप्सी कंपनी के पास किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी और आरोपी को बिना किसी विरोध के गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आरोपी को नियमानुसार गुरुग्राम पुलिस के पीओ स्टाफ के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उससे घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं, सहयोगियों और मामले की विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



