नूंह मेवात | सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस में बड़ी गिरफ्तारी | मुख्य आरोपी शाहरूख 7 दिन के रिमांड पर | 6 आरोपी गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार

नूंह, 16 जुलाई। नूंह जिले के बिछौर थाना क्षेत्र में कथित सामूहिक दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और उससे आहत होकर एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के दूसरे मुख्य आरोपी शाहरूख पुत्र हयात, निवासी इंदाना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी जाहुल पुत्र मुबीन को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
गुरुवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी शाहरूख को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात की पूरी साजिश, अन्य फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य अहम पहलुओं को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।
यह मामला पूरे मेवात में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। युवती की आत्महत्या के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला था। ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पीड़िता के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में पांच मुख्य आरोपियों की पहचान की गई थी। इनमें से दो मुख्य आरोपियों सहित अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि मुख्य आरोपियों में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और कई विशेष टीमें इस अभियान में जुटी हुई हैं।
सीआईए पुनहाना प्रभारी पवन ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके और पीड़िता के परिजनों को न्याय मिल सके।
पुलिस का कहना है कि शाहरूख की गिरफ्तारी इस संवेदनशील मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। रिमांड के दौरान उससे मिलने वाली जानकारी के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने और पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल पूरे मेवात की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।



