Rewari News | मानसून में सर्पदंश के 75 मामले : अगस्त में आए 26 केस | सभी मरीज सुरक्षित | तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह
मानसून के दौरान जिले में सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में अब तक सांप काटने के 75 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि समय पर उपचार मिलने के कारण सभी मरीज सुरक्षित हैं। अकेले अगस्त महीने में सर्पदंश के 26 मामले दर्ज किए गए हैं।
नागरिक अस्पताल रेवाड़ी के नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। इसके कारण सांप बाहर निकलकर खुले स्थानों, खेतों और रिहायशी क्षेत्रों की तरफ आ जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और घरों के आसपास सांप दिखाई देने की संभावना बढ़ जाती है।

डॉ. भंवर सिंह ने कहा कि कई बार लोग सांप के काटने के बाद घबरा जाते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। समय पर सही उपचार मिलने से खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डॉक्टरों ने विशेष रूप से किसानों को बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। रात के समय खेतों में पानी देने या अन्य काम के लिए जाते समय रबड़ के जूते पहनने की सलाह दी गई है। खेतों और अंधेरे स्थानों पर चलते समय भी सतर्क रहने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक पर निर्भर न रहें। पीड़ित को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि डॉक्टर जांच कर आवश्यक उपचार शुरू कर सकें।
डॉ. भंवर सिंह के अनुसार जिस अंग पर सांप ने काटा हो, उसे साफ रखा जाना चाहिए और वहां किसी प्रकार का घरेलू लेप या देसी दवा नहीं लगानी चाहिए। कई बार कीड़े-मकौड़ों के काटने को भी लोग सर्पदंश समझ लेते हैं, इसलिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में सर्पदंश के उपचार की आवश्यक सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। लोगों से मानसून के दौरान विशेष सावधानी बरतने और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की अपील की गई है।



