Kurukshetra News | 28 अगस्त को रक्षाबंधन : 27 अगस्त को भद्रा | चंद्रग्रहण का असर नहीं | सुबह से बांध सकेंगी राखी

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर बाजारों में उत्साह दिखाई देने लगा है। राखियों से दुकानें सज चुकी हैं और बहनें अपने भाइयों की कलाई के लिए पसंदीदा राखियां खरीदने बाजार पहुंच रही हैं। इस बार रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण भी रहेगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देने के कारण इसका पर्व पर कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।
राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित एवं प्राचीन श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के पीठाध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव रहने के कारण रक्षाबंधन का पर्व सावन माह की पूर्णिमा पर 28 अगस्त को मनाया जाएगा। उनके अनुसार 27 अगस्त को ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, इसलिए 28 अगस्त को बहनें सुबह से अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।

पंडित प्रेम कुमार शर्मा के अनुसार 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा और इस दिन भद्रा का साया नहीं होगा। ऐसे में बहनें सुबह से ही रक्षाबंधन का पर्व मना सकती हैं। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय गणना के अनुसार रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण भी होगा, लेकिन ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 3 मिनट 54 सेकंड से शुरू होकर 11 बजकर 21 मिनट 59 सेकंड तक रहेगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां इसका प्रभाव नहीं माना जाएगा और रक्षाबंधन के धार्मिक कार्यक्रम सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।

उनके मुताबिक चंद्रग्रहण पश्चिमी एशिया, उत्तरी अफ्रीका, अमेरिका और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ नाइजीरिया, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड, फ्रांस, इटली, मैक्सिको, कनाडा, बेल्जियम, पुर्तगाल, क्यूबा, आयरलैंड और स्पेन सहित विभिन्न स्थानों पर दिखाई देगा। भारत में ग्रहण दृश्य नहीं होने के कारण यहां रक्षाबंधन के पर्व को लेकर ग्रहण संबंधी प्रभाव नहीं रहेगा।
इधर रक्षाबंधन को लेकर कुरुक्षेत्र के बाजारों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। दुकानों पर अलग-अलग डिजाइन और रंगों की राखियां सजाई गई हैं। पर्व नजदीक आने के साथ खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों की संख्या भी बढ़ रही है।

दुकानदारों ने भी रक्षाबंधन को देखते हुए राखियों की विभिन्न वैरायटी बाजार में उतारी हैं। पारंपरिक राखियों के साथ बच्चों और युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन उपलब्ध कराए गए हैं। बहनें भाइयों की पसंद के अनुसार राखियों की खरीदारी कर रही हैं।
रक्षाबंधन भारतीय परंपरा में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इस बार 27 अगस्त को भद्रा रहने के कारण लोगों में पर्व की तिथि और राखी बांधने के समय को लेकर भी जानकारी लेने की उत्सुकता बनी हुई है।

पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि 28 अगस्त को भद्रा समाप्त हो चुकी होगी, इसलिए सुबह से राखी बांधी जा सकेगी। वहीं चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने के कारण लोगों को इसे लेकर किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
रक्षाबंधन से ठीक पहले बाजारों में राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। परिवारों में भी पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बाहर रहने वाले भाई-बहनों तक राखियां पहुंचाने का सिलसिला जारी है।



