गुरुग्राम । मानेसर में सफाई व्यवस्था पर बड़ा बवाल : एजेंसी ने रोका काम , 100 टन कूड़ा अटका, इमरजेंसी मीटिंग बुलाई
गुरुग्राम । मानेसर नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव द्वारा सफाई कार्यों की औचक जांच किए जाने के बाद सफाई एजेंसी ने काम बंद कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई सेक्टरों […]

गुरुग्राम । मानेसर नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव द्वारा सफाई कार्यों की औचक जांच किए जाने के बाद सफाई एजेंसी ने काम बंद कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई सेक्टरों और दर्जनों गांवों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार मेयर को पिछले काफी समय से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए विरोध भी जताया था। इसके बाद मेयर ने सफाई एजेंसी के कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नगर निगम अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। इसी के बाद एजेंसी ने निगम प्रशासन को ई-मेल भेजकर काम रोकने की सूचना दे दी।
एजेंसी के काम बंद करने का असर सेक्टर-6, सेक्टर-8 सहित आसपास के करीब 30 गांवों में देखने को मिल रहा है। कूड़ा उठान रुकने से 100 टन से अधिक कचरा जमा हो गया है। कई स्थानों पर गंदगी बढ़ने लगी है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने निगम प्रशासन से एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा कि जनता के पैसे से चल रहे सफाई कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के सफाई टेंडर में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसकी जांच के लिए नगर निगम आयुक्त को लिखित शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक भी पहुंचाई जाएगी।
वहीं नगर निगम आयुक्त प्रदीप कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एजेंसी द्वारा काम बंद करने संबंधी ई-मेल प्राप्त हुआ है। स्थिति की समीक्षा की जा रही है और पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। विवाद के समाधान के लिए अधिकारियों की आपात बैठक भी बुलाई गई है।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है और अब सभी की नजर निगम प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदम पर टिकी हुई है।



