Yamunanagar News | छात्राओं के नवाचार को मिलेगा स्टार्ट-अप का रूप : डेमो डे में पेश किए आइडिया | इन्क्यूबेशन सेंटर देगा सहयोग

डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स में छात्राओं के नवाचार आधारित विचारों को व्यावहारिक रूप देकर स्टार्ट-अप के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से डेमो डे एवं स्टार्ट-अप प्रजेंटेशन का आयोजन किया गया। इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और कैंपस इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने सामाजिक एवं व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े अपने नए विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईसी उपाध्यक्ष डॉ. सुनीता कौशिक और कनवीनर विवेक ने की।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने नवाचारों के उद्देश्य, उपयोगिता और उन्हें भविष्य में व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करने के साथ छात्राओं को अपने विचारों को केवल अवधारणा तक सीमित न रखकर उन्हें नमूना निर्माण, परीक्षण और स्टार्ट-अप के स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा गुरप्रीत कौर ने पुराने कपड़ों के पुनः उपयोग से संबंधित अपना विचार प्रस्तुत किया। उन्होंने पुराने कपड़ों को उपयोगी बनाकर दोबारा इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर आधारित अपनी अवधारणा के बारे में जानकारी दी।
बीकॉम ऑनर्स अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी ने फिटनेस से जुड़ा नवाचार आधारित विचार रखा। उन्होंने अपने प्रजेंटेशन के माध्यम से इस विचार की उपयोगिता और इसे आगे व्यावहारिक स्वरूप देने की संभावनाओं के बारे में बताया।

बीकॉम जनरल द्वितीय वर्ष की छात्रा गायत्री ने सुगंधित मोमबत्तियों से संबंधित अपना विचार प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने आइडिया को उत्पाद के रूप में विकसित करने और भविष्य में इसे व्यावसायिक स्तर तक ले जाने की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी।
बीए मनोविज्ञान ऑनर्स द्वितीय वर्ष की छात्रा मन्नत कांबोज ने सहपाठी सहानुभूति से संबंधित विचार प्रस्तुत किया। छात्राओं की अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक जरूरतों और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
कनवीनर विवेक ने कहा कि कॉलेज का इन्क्यूबेशन सेंटर विद्यार्थियों के नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग उपलब्ध कराएगा। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन देने के साथ आवश्यक सुविधाओं और संबंधित क्षेत्रों के लोगों से संपर्क स्थापित कराने में भी मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी नवाचार को सफल स्टार्ट-अप में बदलने के लिए केवल अच्छा विचार होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यावहारिक स्तर पर विकसित करने की भी आवश्यकता होती है। इसी दिशा में इन्क्यूबेशन सेंटर विद्यार्थियों को नमूना निर्माण सहित विभिन्न चरणों में सहयोग देगा।
अंबाला स्थित अमृतांश सॉल्यूशंस के संस्थापक मुकुल गुजराल ने छात्राओं को इन्क्यूबेशन केंद्रों की कार्यप्रणाली और इनके माध्यम से उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी नए विचार को आगे बढ़ाते समय उसका नमूना तैयार करना और उसका परीक्षण करना महत्वपूर्ण चरण होते हैं।
उन्होंने छात्राओं को अपने नवाचार आधारित विचारों पर लगातार काम करने और उन्हें स्टार्ट-अप के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विचार से लेकर व्यावहारिक उत्पाद अथवा सेवा तैयार करने तक की प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।
इनोवेशन एंबेसडर ममता थापर और मुकुल गुजराल ने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए विचारों का मूल्यांकन किया। प्रस्तुतियों के दौरान विचारों की उपयोगिता, उनके व्यावहारिक स्वरूप और भविष्य में उन्हें आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं में नवाचार और उद्यमिता की सोच को प्रोत्साहित करना है। इससे विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को विशेषज्ञों के सामने रखने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. परमेश कुमार, जस्मीत कौर, शैली चौहान और वैशाली का विशेष योगदान रहा। कॉलेज के इन्क्यूबेशन सेंटर ने छात्राओं को उनके चयनित विचारों पर आगे काम करने और उन्हें व्यावहारिक स्टार्ट-अप के रूप में विकसित करने में सहयोग देने की बात कही।



